पुल के नीचे पढ़कर भी दशरथ को 10 वीं कक्षा में 66% अंक मिले


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 29 जुलाई  दो साल पहले, सिग्नल स्कूल के दो छात्रों ने दसवीं कक्षा के परिणामों में शानदार सफलता हासिल की थी। इस वर्ष भी स्कूल का एक छात्र दसवीं कक्षा में था। दशरथ बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में सड़क पुल के नीचे रहकर भी वह लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
समर्थ भारत व्यासपीठ और ठाणे मनपा, सिग्नल स्कूल के बीच एक संयुक्त उद्यम पांच साल पहले तीन-लेन नाका पुल और महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासियों के बच्चों के लिए शुरू किया गया था। दो साल पहले, इस स्कूल के दो छात्रों ने 10 वीं पास की थी। सिग्नल स्कूल के छात्र दशरथ जलिंदर पवार ने मैट्रिक की परीक्षा 66% अंकों के साथ उत्तीर्ण की। दशरथ पवार को आज महापौर नरेश म्हस्के, ठाणे मनपा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष विकास रेपले, शिक्षा आयुक्त मनीष जोशी द्वारा सम्मानित किया गया ।
दशरथ जलिंदर पवार के माता और पिता कई वर्षों से सिग्नल पर फूल गजरा बेच रहे हैं। सिग्नल स्कूल शुरू होने के बाद दशरथ ने स्कूल में प्रवेश किया। बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में स्कूल खत्म करने के बाद, दशरथ ने अपने माता-पिता को गजरा बेचने में मदद करके 10 वीं कक्षा में देर रात तक पढ़ाई करके 66% अर्जित किया। अब से, वह तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ाना चाहते हैं ,और इस संबंध में, समर्थ भारत विश्वविद्यालय भी उनकी भविष्य की उच्च शिक्षा के लिए उनका समर्थन करेगा।
सिग्नल स्कूल प्रोजेक्ट हेड आरती परब, शिक्षक प्रियंका पाटिल, संगीता एला, सुप्रिया कर्णिक, पूर्णिमा करंदीकर, सुमन शवाले, श्रीमती मैडम अवाचत की मदद से, दशरथ इस शैक्षणिक उपलब्धि को हासिल करने में सक्षम हो सके ।

ठाणे में आज कोरोना के 288मामले ,स्वस्थ होने की दर 71प्रतिशत


मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 29जुलाई ठाणे में आज कोरोना के नए 288मामले सामने आए है ।इसके उपरांत अब ठाणे शहर में संक्रमितों की संख्या 18हजार 437हो गई है ।
लेकिन इसके बाद भी ठाणे में स्वस्थ होने के दर अब 71प्रतिशतहो गई है ।
ठाणे में कुल 18,437में से 12हजार 900 मरीज ठीक भी हो गए हैं । ठाणे में आज ही 385 मरीज स्वस्थ हुए है ।
ठाणे में आज फिर 9लोगों की मौत इस संक्रमण से हो गई है ।अब तक 598 लोग कोरोना संक्रमण से मारे गए हैं ।
ठाणे में 4939 लोगों का कोरोना पर उपचार किया जा रहा है ।

नारपोली में दो चोरी के मामले में 17लाख का सामान बरामद ,3गिरफ्तार


मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 29जुलाई ठाणे पुलिस आयुक्त क्षेत्र में भिवंडी के नारपोली पुलिस ने दो अलग -अलग चोरी के संगीन मामलों में करीब 17लाख 30हजार 644का चोरी का सामान बरामद कर कुल 3आरोपियों को गिरफ्तार किया है ।
ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार दिनांक 8जुलाई 2020को भिवंडी के काबे गांव में किरण विष्णु हजारे के गोदाम से शाम साढ़े सात बजे के दरम्यान अज्ञात चोरों ने प्रवेश कर मायक्रो मेक्स कंपनी के मोबाइल ,लैपटॉप ,आदि सहित 11लाख 95हजार 184रुपए का सामान चुरा लिया था ।इसकी सूचना पुलिस को सुबह 9जुलाई को दस बजे दी गई थी ।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिन्दे और रविन्द्र माले के मार्ग दर्शन में पुलिस टीम ने 21जुलाई को झारखंड निवासी वसई में रहने वाले 42वर्षीय आलम मंटू शेख को गिरफ्तार कर आठ लाख 34हजार 644रुपए कीमत के छ लैपटॉप ,146मोबाइल ,8ब्लूटूथ और पांच टैबलेट बरामद किए ।
इसी तरह 22जुलाई को भिवंडी में कामतघर परिसर में स्वर्णा मिलिंद गिरिकर के फ्लैट से शाम साढ़े 7से नौ बजे के मध्य 13लाख 21हजार के सोने के आभूषण किसी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी किए गए थे ।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मलोजी शिन्दे और रविन्द्र वाणी के नेतृत्व में पुलिस ने धुले निवासी 21वर्षीय प्रतीक तुषार माने और धुले के ही ,हेमंत सैदाने को गिरफ्तार कर आठ लाख 96हजार और नगद 55हजार राशि भी बरामद की है ।

ब्रेकिंग न्यूज़ मुंबई महाराष्ट्रकब खुलेगा बन्द पड़े कोठारी हॉस्पिटल का ताला ? स्थानियजनों ने की मुख्यमंत्री से की मांग



दक्षिण मुम्बई के शिपीटैंक क्षेत्र स्थिति कोठारी हॉस्पिटल को बंद हुऐ 10 वर्ष बीत चुके है जिसे इस क्षेत्र के स्थानीय नागरिक को इलाज के लिये महंगे हॉस्पिटल जैसे रिलायंस और सेफी में जाना पड़ रहा है अन्यथा जे जे और नायर हॉस्पिटल में भीड़ में जाकर इलाज करना पड़ता है ये कोठरी हॉस्पिटल यहां के गरीब मध्यम वर्गीय परिवार के चिकित्सकिय आवश्कताओ को पूरा करता था इसके बन्द होने से स्थानीय जनों को असुविधाओ का सामना करना पड़ रहा है इस कठिन कोरोना काल मे स्थनीय जनों को इस हॉस्पिटल की कमी खाल रही है चिकित्सा के क्षेत्र में आतंक बने कोरोना के मरीजों का इलाज और आइसोलेशन सेंटर बनाया जाता तो जनता को सुविधा मिलता देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ शिव दिनेश शर्मा घाटकोपर मुंबई

ठाणे में आज कोरोना के 191 मामले ,9 की मौत


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 28 जुलाई ठाणे में आज कोरोना के नए 191 नए मामले सामने आये हैं | इसके बाद अब ठाणे में कुल संक्रमितों की संख्या 18 हजार 149 हो गई है | जबकि ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 9 लोगों की मौत हो गई है | ठाणे मनपा परिसर में अब तक कोविद 19 के वजह से 589 लोगों की मौत हुई है |
ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र मै आज कोरोना के जो नए मरीज मिले हैं | उनमें से माजीवाड़ा में 29 ,वर्तक नगर में 22 ,लोकमान्य नगर में 35 ,नौपाडा कोपरी विभाग में 21 ,उथलसर में 23 ,वागले इस्टेट में 8 ,कलवा विभाग में 29 ,मुम्ब्रा में 2 और दिवा में 15 संक्रमित मिले हैं |
ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 428 लोग मुक्त हुए हैं | इस तरह से ठाणे में कुल 18 हजार 149 संक्रमितों में से 12 हजार 515 मरीज पूरी तरह से ठीक भी हो चुके हैं |
ठाणे में अभी भी 5045 मरीजों का कोरोना पर उपचार किया जा रहा है |

ठाणे में आज कोरोना के 191 मामले ,9 की मौत


मुंबई ,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 28 जुलाई ठाणे में आज कोरोना के नए 191 नए मामले सामने आये हैं | इसके बाद अब ठाणे में कुल संक्रमितों की संख्या 18 हजार 149 हो गई है | जबकि ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 9 लोगों की मौत हो गई है | ठाणे मनपा परिसर में अब तक कोविद 19 के वजह से 589 लोगों की मौत हुई है |
ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र मै आज कोरोना के जो नए मरीज मिले हैं | उनमें से माजीवाड़ा में 29 ,वर्तक नगर में 22 ,लोकमान्य नगर में 35 ,नौपाडा कोपरी विभाग में 21 ,उथलसर में 23 ,वागले इस्टेट में 8 ,कलवा विभाग में 29 ,मुम्ब्रा में 2 और दिवा में 15 संक्रमित मिले हैं |
ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 428 लोग मुक्त हुए हैं | इस तरह से ठाणे में कुल 18 हजार 149 संक्रमितों में से 12 हजार 515 मरीज पूरी तरह से ठीक भी हो चुके हैं |
ठाणे में अभी भी 5045 मरीजों का कोरोना पर उपचार किया जा रहा है |

जौनपुर: दारोगा की सांस लेने में दिक्कत और खांसी से पीडित होने से इलाज के दौरान मौत


जौनपुर : दारोगा की सांस लेने में दिक्कत और खांसी से पीडित होने से इलाज के दौरान मौत
जौनपुर। सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात सीनियर उपनिरीक्षक रामानंद की उपचार के दौरान वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बीते चार दिनों से वह सांस लेने में दिक्कत व खांसी से पीड़ित थे। जानकारी के अनुसार सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात दारोगा रामानंद को बीते चार दिन से सांस लेने में दिक्कत व खांसी की समस्‍या थी। सोमवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गए। जैसे ही दरोगा की तबीयत बिगड़ने की सूचना पुलिसकर्मियों को लगी तो आनन- फानन 108 नंबर एंबुलेंस पर फोन पर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिए। वहींं गंभीर स्थिति को देख जिला अस्पताल से भी डॉक्टरों ने वाराणसी के बीएचयू उपचार के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी के चितईपुर में स्थित सनराइज हॉस्पिटल में उनका उपचार शुरू हुआ जहां हालत में कोई सुधार नहीं होने के बाद सोमवार को ही देर रात्रि लगभग 11:30 बजे उपचार के दौरान दारोगा की मौत हो गई। जैसे ही मौत की सूचना थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना राम धुसिया व अन्य पुलिस कर्मियों को हुई तो थाने में भी अफरा-तफरी मच गई। 48 वर्षीय दरोगा रामानंद मूल रूप से गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज थाने के उसरेन गांव के निवासी थे। मृतक दरोगा की पत्नी सुशीला अपने एक 16 वर्षीय पुत्र अभिषेक व दो पुत्री 25 वर्षीय पूर्णिमा, 20 वर्ष की प्रतिमा के साथ वाराणसी में ही रहती थी। मौत के एक दिन बाद कोरोना जांच रिपोर्ट आई निगेटिव सुरेरी थाने पर तैनात दाारोगा की तबीयत खराब होने के दौरान जिला अस्पताल पर बीते सोमवार को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट उनके मौत के एक दिन बाद मंगलवार को निगेटिव आनेे से क्षेत्रीय लोगों में हो रही तरह -तरह की चर्चाओं पर विराम लग गया। देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

उपरौठ में सड़क पर हुए जल जमाव से फैल सकता है संक्रमण, जिम्मेदार मौन।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और गांव में इस समय संक्रमण का खतरा और बढ सकता है। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके। इस बाबत जब बीडीओ औराई से बात की गई तो उन्होने इसे आपसी विवाद कहकर पल्ला झाड लिया और इसमें बीडीओ कुछ नही कर सकता कह कर बचते दिखे। और साथ में यह भी कहा कि यह सिविल का मामला है इसमें प्रशासन कुछ नही कर सकता है। जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके। देखने व पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

मुंबई में चर्चित विनय दुबे का छतमी में हुआ स्वागत और अभिनंदन।


भदोही। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा भदोही के जिला कार्यालय छतमी में सोमवार को मुंबई से चलकर आये उत्तर भारतीय महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय दुबे एवम अरुण मिश्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। बैठक में लगातार ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे अत्याचार और हत्या के खिलाफ में चर्चा की गई। और बैठक में ब्राह्मणों को एकजुटता पर चर्चा हुई। अगर अब भी आंखे नही खुली तो आने वाले समय मे ब्राह्मण खुद अपने पतन का कारण होंगे। मालूम हो कि विनय दूबे कुछ महिने पहले मुम्बई समेत पूरे देश में काफी चर्चा में थे। स्वागत करने वालों में अम्बरीष तिवारी जिलाध्यक्ष, कमल तिवारी, अमित मिश्रा, धनंजय दीक्षित, अरविंद मिश्रा,अखिल तिवारी,प्रकाश शुक्ला,आदर्श तिवारी ,चंद्रेश तिवारी,सूरज दुबे सहित समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे ।देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान की साथ

उपरौठ में सड़क पर हुए जल जमाव से फैल सकता है संक्रमण, जिम्मेदार मौन।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और गांव में इस समय संक्रमण का खतरा और बढ सकता है। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके। इस बाबत जब बीडीओ औराई से बात की गई तो उन्होने इसे आपसी विवाद कहकर पल्ला झाड लिया और इसमें बीडीओ कुछ नही कर सकता कह कर बचते दिखे। और साथ में यह भी कहा कि यह सिविल का मामला है इसमें प्रशासन कुछ नही कर सकता है। जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके।देखने व पड़ने के लिये बने रहिये पवन पुरवईया न्यूस पर सतीश चौहान के साथ