ठाणे में आज कोरोना के 191 मामले ,9 की मौत


मुंबई ,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 28 जुलाई ठाणे में आज कोरोना के नए 191 नए मामले सामने आये हैं | इसके बाद अब ठाणे में कुल संक्रमितों की संख्या 18 हजार 149 हो गई है | जबकि ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 9 लोगों की मौत हो गई है | ठाणे मनपा परिसर में अब तक कोविद 19 के वजह से 589 लोगों की मौत हुई है |
ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र मै आज कोरोना के जो नए मरीज मिले हैं | उनमें से माजीवाड़ा में 29 ,वर्तक नगर में 22 ,लोकमान्य नगर में 35 ,नौपाडा कोपरी विभाग में 21 ,उथलसर में 23 ,वागले इस्टेट में 8 ,कलवा विभाग में 29 ,मुम्ब्रा में 2 और दिवा में 15 संक्रमित मिले हैं |
ठाणे में आज कोरोना के संक्रमण से 428 लोग मुक्त हुए हैं | इस तरह से ठाणे में कुल 18 हजार 149 संक्रमितों में से 12 हजार 515 मरीज पूरी तरह से ठीक भी हो चुके हैं |
ठाणे में अभी भी 5045 मरीजों का कोरोना पर उपचार किया जा रहा है |

जौनपुर: दारोगा की सांस लेने में दिक्कत और खांसी से पीडित होने से इलाज के दौरान मौत


जौनपुर : दारोगा की सांस लेने में दिक्कत और खांसी से पीडित होने से इलाज के दौरान मौत
जौनपुर। सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात सीनियर उपनिरीक्षक रामानंद की उपचार के दौरान वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बीते चार दिनों से वह सांस लेने में दिक्कत व खांसी से पीड़ित थे। जानकारी के अनुसार सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात दारोगा रामानंद को बीते चार दिन से सांस लेने में दिक्कत व खांसी की समस्‍या थी। सोमवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गए। जैसे ही दरोगा की तबीयत बिगड़ने की सूचना पुलिसकर्मियों को लगी तो आनन- फानन 108 नंबर एंबुलेंस पर फोन पर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिए। वहींं गंभीर स्थिति को देख जिला अस्पताल से भी डॉक्टरों ने वाराणसी के बीएचयू उपचार के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी के चितईपुर में स्थित सनराइज हॉस्पिटल में उनका उपचार शुरू हुआ जहां हालत में कोई सुधार नहीं होने के बाद सोमवार को ही देर रात्रि लगभग 11:30 बजे उपचार के दौरान दारोगा की मौत हो गई। जैसे ही मौत की सूचना थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना राम धुसिया व अन्य पुलिस कर्मियों को हुई तो थाने में भी अफरा-तफरी मच गई। 48 वर्षीय दरोगा रामानंद मूल रूप से गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज थाने के उसरेन गांव के निवासी थे। मृतक दरोगा की पत्नी सुशीला अपने एक 16 वर्षीय पुत्र अभिषेक व दो पुत्री 25 वर्षीय पूर्णिमा, 20 वर्ष की प्रतिमा के साथ वाराणसी में ही रहती थी। मौत के एक दिन बाद कोरोना जांच रिपोर्ट आई निगेटिव सुरेरी थाने पर तैनात दाारोगा की तबीयत खराब होने के दौरान जिला अस्पताल पर बीते सोमवार को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था। रिपोर्ट उनके मौत के एक दिन बाद मंगलवार को निगेटिव आनेे से क्षेत्रीय लोगों में हो रही तरह -तरह की चर्चाओं पर विराम लग गया। देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

उपरौठ में सड़क पर हुए जल जमाव से फैल सकता है संक्रमण, जिम्मेदार मौन।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और गांव में इस समय संक्रमण का खतरा और बढ सकता है। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके। इस बाबत जब बीडीओ औराई से बात की गई तो उन्होने इसे आपसी विवाद कहकर पल्ला झाड लिया और इसमें बीडीओ कुछ नही कर सकता कह कर बचते दिखे। और साथ में यह भी कहा कि यह सिविल का मामला है इसमें प्रशासन कुछ नही कर सकता है। जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके। देखने व पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

मुंबई में चर्चित विनय दुबे का छतमी में हुआ स्वागत और अभिनंदन।


भदोही। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा भदोही के जिला कार्यालय छतमी में सोमवार को मुंबई से चलकर आये उत्तर भारतीय महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय दुबे एवम अरुण मिश्रा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। बैठक में लगातार ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे अत्याचार और हत्या के खिलाफ में चर्चा की गई। और बैठक में ब्राह्मणों को एकजुटता पर चर्चा हुई। अगर अब भी आंखे नही खुली तो आने वाले समय मे ब्राह्मण खुद अपने पतन का कारण होंगे। मालूम हो कि विनय दूबे कुछ महिने पहले मुम्बई समेत पूरे देश में काफी चर्चा में थे। स्वागत करने वालों में अम्बरीष तिवारी जिलाध्यक्ष, कमल तिवारी, अमित मिश्रा, धनंजय दीक्षित, अरविंद मिश्रा,अखिल तिवारी,प्रकाश शुक्ला,आदर्श तिवारी ,चंद्रेश तिवारी,सूरज दुबे सहित समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे ।देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान की साथ

उपरौठ में सड़क पर हुए जल जमाव से फैल सकता है संक्रमण, जिम्मेदार मौन।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और गांव में इस समय संक्रमण का खतरा और बढ सकता है। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके। इस बाबत जब बीडीओ औराई से बात की गई तो उन्होने इसे आपसी विवाद कहकर पल्ला झाड लिया और इसमें बीडीओ कुछ नही कर सकता कह कर बचते दिखे। और साथ में यह भी कहा कि यह सिविल का मामला है इसमें प्रशासन कुछ नही कर सकता है। जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके।देखने व पड़ने के लिये बने रहिये पवन पुरवईया न्यूस पर सतीश चौहान के साथ

श्रावण के सोमवार को बाबा बेरासनाथ मंदिर पर भक्तों ने किया पूजन अर्चन।


भदोही। श्रावण माह के चौथे सोमवार को गोपीगंज क्षेत्र के बेरासपुर में स्थित बाबा बेरासनाथ मंदिर पर भक्तों ने पूजन अर्चन किया। इस मौके पर मंदिर परिसर में रूद्राभिषेक और सुन्दरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया। मंदिर में ज्ञानपुर क्षेत्र के सनवइयां निवासी विजय प्रसाद मिश्र ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर सवा पांच किलो का घंटा चढाकर पूजा पाठ किया। इसी तरह काफी संख्या में लोग अपनी मनोकामना पूर्ण होने चढावा चढाकर दर्शन पूजन करते है। मालूम हो कि बाबा बेरासनाथ मंदिर उत्तरवाहिनी मां गंगा के किनारे स्थित है जिससे यहां का और भी आध्यात्मिक महत्व है। और यह धार्मिक स्थल गुप्त काशी के नाम से प्रचलित है।देखने व पड़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान

कौलापुर-बदरी मार्ग पर फ्लाइट के भाडा से मंहगा टेम्पों का भाड़ा, प्रशासन मौन।

भदोही। यातायात नियमों का पालन कराने के लिए नगरीय क्षेत्रों में पुलिस के तरफ से चेकिंग अभियान चलाया जाता है। जिसमें लोगों के बाइक से सम्बन्धित कागजात, हेलमेट और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए चार्ज किया जाता है। और पुलिस की सक्रियता से लोग बेशक अपने कागजात लेकर बडी ही सावधानी से चल रहे है। कभी कभी तो स्थिति ऐसी हो जाती है कोई आदमी किसी पडोसी की बाइक लेकर जरूरी काम के लिए बाजार या हास्पिटल जाता है और इसी बीच वह चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस के हत्थे चढ जाता है। और बेचारे का चालान कट जाता है। वह परेशान व्यक्ति और भी परेशानी में पड जाता है। हालांकि पुलिस और यातायात पुलिस की सक्रियता कही न कही लोगो के लिए सही ही साबित हो रही है और लोग जागरूक भी हो रहे है।
लेकिन यही यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस टेम्पो चालकों पर कार्यवाही करते नजर नही आती है। और ये टेम्पो चालक यात्रियों से मनमानी भाड़ा वसूलते है। लेकिन प्रशासन के लोग मौन धारण किये हुए है। आलम यह है कि डीजल मूल्य वृद्धि के नाम पर यात्री इनके मनमानी के शिकार है। ग्रामीण क्षेत्र के कुछ मार्गों पर टेम्पो चालको की मनमानी इस कदर बढ गई है कि भाडा एक वसूली का जरिया बन गया है।
ऐसे ही मामले गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर- बदरी मार्ग और जंगीगंज-सेमराध मार्ग पर टेम्पो व जीप चालकों की दबंगई से यात्री परेशान है। लेकिन प्रशासन के लोग बेखबर है या जानबूझकर मौन साधें है। हालत यह है कि इन मार्गों पर यदि यात्री अधिक भाडा मांगे जाने पर विरोध करता है तो चालक झगडा करने पर उतारू हो जाते है और मनमाफिक भाडा न मिलने पर कभी कभी यात्री का सामान भी रख लेने की बात करते है। और यात्री विवशता वश मनमानी भाडा देता है। इन मार्गों पर यात्रियों से भाडा वसूलने का कोई भी निश्चित मानक नही है। कौलापुर से बदरी तक की दूरी लगभग दस किमी दूरी है और इस मार्ग पर तीन से पांच रूपये प्रति किमी की दर से वसूली होती है। जो दिल्ली से वाराणसी की फ्लाइट के भाडा से भी मंहगा है।
इस वसूली के पीछे प्रमुख दो वजह है पहली वजह यह है कि इस तरह के ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ध्यान नही देती है जिससे लोग मनमानी करते है तथा दूसरी बात यह है कि सभी टेम्पो और जीप चालक इसी रूट पर पडने वाले गांव के निवासी है जो स्थानीय होने की वजह से यात्रियों से मारपीट और दबंगई करने पर उतारू हो जाते है। इस रूट पर टेम्पो या जीप में यात्रियों को इस कदर ठूंस कर बैठाया जाता है जैसे भूसा। दूसरी बात इन रूट पर चलने वाली टेम्पो या जीप का मानक भी पूरा है या नही यह तो प्रशासन ही जाने। यातायात नियमों की दुहाई देने वाला प्रशासन आखिर इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में लापरवाह क्यो बना है? आखिर इस तरह की लापरवाही से हुई किसी घटना का जिम्मेदार कौन होगा? प्रशासन आखिर क्यों निश्चित नही कर दे रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में टेम्पों का उचित भाडा? आखिर यात्री कब तक होते रहेंगे इसी तरह प्रताडित? इन टेम्पों चालकों पर नजर क्यों नही रख रहा है प्रशासन? आखिर इस तरह खुली छूट देने का कारण क्या है?
ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की पीडा को प्रशासन समझकर मनमानी करने वाले टेम्पो और जीप चालकों पर कार्यवाही करना नितान्त आवश्यक है। क्योकि टेम्पों और जीप से अधिकतर कम आय वाले ही यात्रा करते है। जबकि सम्पन्न लोग अपनी बाइक या कार से आते जाते है। जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर मनमानी का शिकार निम्न आय के लोग ही होते है। स्थानीय होने और प्रशासन की निष्क्रियता से टेम्पो चालक यात्रियों से मनमानी भाडा वसूली करते है। जो कही न कही यात्रियों के साथ अन्याय है। प्रशासन को इस तरह के मनमानी करने वालों पर कार्यवाही करना जरूरी है देखने व पड़ने के लिये बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

लापरवाही! तथाकथित पशु चिकित्सक करता है सांप काटने पर ईलाज, स्वास्थ्य विभाग मौन।


भदोही। सरकार भले ही लोगों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखकर विभिन्न तरह की योजनाएं संचालित कर रही है और जगह जगह पर हास्पिटल और स्वास्थ्य केन्द्र भी बने है। जहां पर लोगों का ईलाज आसानी से हो सके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जिले में झोलाछाप डाक्टरों और नीम हकीमों की भरमार है। मानो ऐसा लगता है कि झोलाछाप और नीम हकीम सही चिकित्सकों से ज्यादा प्रभावशाली है। जिन पर जिले का स्वास्थ्य महकमा फिदा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञात होना चाहिए कि इन्ही झोलाछाप डाक्टरों और नीम हकीमों की वजह से कभी कभी लोगों की जिंदगी दांव पर लग जाती है। लेकिन विभाग के जिम्मेदार लोग जैसे जानबूझकर मौन साधे है और किसी बडी घटना का इंतजार कर रहे है। शनिवार को एक ऐसा ही मामला गोपीगंज थाना के क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में दिखा। जहां चेतनंद नामक एक तथाकथित पशु डाक्टर जो सांप काटने पर लोगों का बतौर नीम हकीम ईलाज करता है। और मामला गंभीर देख रोगी को अन्यत्र ले जाने की बात करके बाहर भेज देता है। शनिवार को भी एक मामला ऐसा ही दिखा जहां कोईरौना क्षेत्र के इनारगांव(सोनपुर) निवासी ओमप्रकाश यादव की पत्नी सुनीता देवी को दोपहर में सांप कांट लिया। तो लोग तथाकथित नीम हकीम व पशु डाक्टर चेतनंद के पास लेकर आये जहां पर चेतनंद ने सुनीता को तरह तरह की दवा दी लेकिन कोई सुधार नही हुआ। अन्त में हालत बिगडते देख चेतनंद ने सुनीता के परिजनों से हास्पिटल ले जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड लिया। और लाचार व विवश परिजन सुनीता को लेकर आनन फानन हास्पिटल ले गये। अब यहां सवाल पैदा होता कि किसके आदेश या सहमति पर चेतनंद लोगों का सांप काटने पर ईलाज करता है। सुनीता को ईलाज के नाम पर चेतनंद ने अपने यहां रोककर जो देरी की, कोई घटना हो जाने पर कौन होगा जिम्मेदार? चेतनंद जैसे नीम हकीम या स्वास्थ्य विभाग? सवाल पैदा होता है कि क्या सांप काटने से जुडी उसके पास कोई डिग्री है? कि यूं ही मनमानी लोगों की जान को जोखिम में डालकर अपने को बडा जानकार सिद्ध करना चाहता है? चेतनंद क्षेत्र में पशु चिकित्सक के रूप में जाना जाता है और सांप काटने पर लोगों का ईलाज करने का दावा करता है। आखिर कैसे एक ही व्यक्ति पशु चिकित्सा करता है और सांप कांटने पर लोगों का ईलाज भी। चेतनंद सच में पशु चिकित्सा की डिग्री भी रखता है कि केवल झोलाछाप ही है। जो लोगो के पशुओं का भी ईलाज करता है। यदि इसी तरह स्वास्थ्य विभाग लापरवाही करता रहेगा तो न जाने कितने नीम हकीम और झोलाछाप डाक्टर अपने कार्यों से लोगों को ठगते रहेंगे। यदि स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डाक्टरों और इस तरह के नीम हकीमों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखेंगे तो अक्सर जिले में घटनाएं होती रहेंगी।देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

शराब तस्कर के घर सीओ मड़ियाहूं और बरसठी पुलिस ने डुगडुगी बजवा कर की कुर्की की कार्यवाही गव

बरसठी (जौनपुर )स्थानीय थाना क्षेत्र के राजापुर गांव में कुछ दिनों पहले मुखबिर की सूचना पर बरसठी पुलिस और आबकारी विभाग की टीम की टीम ने दिनेश यादव के यहां 33 सौ लीटर कच्ची शराब पकड़ी गई थी जिसकी कीमत लगभग सत्तर लाख रुपए थी l अवैध तरीके से बनाई गई शराब और शराब ,बनाने के यंत्र और उसमें उपयोग करने वाली रसायनों को पकड़ा था । मौके से सब फरार हो गए थे ,लेकिन पुलिस के दबाव के चलते कुछ लोग धरपकड़ में पकड़े गए और कुछ लोगों ने सरेंडर कर दिया। लेकिन योगी सरकार में अवैध रूप से कमाई करने वाले लोगों के घर की वसूली उसके घर और संपत्तियों की कुर्की के जरिए कर रही है।शनिवार को एसडीएम के के मिश्रा मड़ियाहूं ,सीओ मड़ियाहूं विजय सिंह और बरसठी पुलिस प्रभारी निरीक्षक मुन्ना राम धुसिया ने डुगडुगी पिटवा कर दिनेश यादव के घर की नीलामी की जिसकी कीमत 29 लाख बताई गई। दिनेश यादव यादव का सहयोगी वकील तिवारी के घर भी गए उसकी एक मोटरसाइकिल की कुर्की की गई। दिनेश यादव पर अवैध रूप से बनाई गई शराब की तस्करी , शराब बनाने के यंत्र को उस में इस्तेमाल होने वाली रसायन सहित करीब 70 लाख का माल पकड़ा था। दिनेश यादव पर शराब तस्करी का बरसठी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 44/20 धारा 272, 419, 420, 667, 468, 471, 120 बी आईपीसी मुकदमा अपराध संख्या धारा 3(1) गिरोह बंद अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत है देखने व पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

अवैध तरीके से एंटीटेस्ट उपकरणों की खरीद,ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष चव्हाण

मुंबई ,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 25 जुलाई ठाणे महानगर पालिका ने साढ़े पांच सौ रुपये देकर प्रत्येक एंटीजन टेस्ट के लिए एक लाख उपकरण खरीदे हैं। क्या कोई भी सांसद या अथवा जन प्रतिनिधि अथवा राजनीतिक दल उपकरण खरीदने के लिए भरोसेमंद नहीं था? ठाणे शहर (जिला) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने आज यह आरोप लगाया है कि उपकरण अवैध रूप से खरीदे गए थे। उन्होंने आज कमिश्नर को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच की मांग की है और इस अवसर पर कुछ सवाल भी उठाए हैं।

ठाणे शहर (जिला) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने पत्र में कुछ मुद्दों को उठाया है और एक बार फिर महानगरपालिका के कुप्रबंधन को सामने लाया है। यदि ऐसे उपकरण खरीदते समय ऐसे उपकरण की आवश्यकता होती है, तो क्या संबंधित से रिपोर्ट ली गई थी? किसे एक ही बताया गया? इन उपकरणों को खरीदते समय, क्या आपको उपकरणों की खरीद के लिए इन उपकरणों के बाजार मूल्य और अन्य विकल्पों की जांच करनी होगी? क्या इस उपकरण को खरीदते समय जनप्रतिनिधियों को विचार दिया गया था? क्या स्थायी समिति की मंजूरी भी ली गई थी? उपकरण खरीदते समय निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई थी? ये सवाल ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष चव्हाण ने उठाया है।

ठाणे मनपा में कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद और समूह नेता चव्हाण ने यह भी आरोप लगाया कि कोविद अस्पताल केंद्र के लिए हथकरघा खरीदे गए हैं, लेकिन खरीद और वास्तविक खरीद से पहले प्रस्तुत किए जाने वाले हस्त दस्तानों की गुणवत्ता के बीच एक बड़ी विसंगति है।

पेश किए गए सभी मुद्दों का गहन अध्ययन और मुख्य लेखा परीक्षक ठाणे नगर निगम द्वारा रोगियों के उपचार के लिए कुछ निजी अस्पतालों द्वारा लगाए गए अत्यधिक दरों के बारे में निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद, इन सभी मामलों की पूरी जांच की जानी चाहिए और यदि समय की अनुमति मिलती है, तो जनप्रतिनिधियों की तीन सदस्यीय समिति पूछताछ करती है। ठाणे शहर जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने मांग की है कि इस समिति की रिपोर्ट के बाद 15 दिनों के भीतर सभी मामलों में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।