मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 11नवंबर एमएमआर डी ए क्षेत्र में ठाणे और अन्य शहरों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास हुआ है, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाएं लंबित हैं। इसलिए, शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को एमएमआरडीए को उन परियोजनाओं को लाने का निर्देश दिया है ,जो पूरे क्षेत्र के विकास को तेजी से ट्रैक पर लाएंगे। इसमें घाटकोपर से ठाणे तक, ईस्ट आर्मवे का विस्तार, थ्री आर्म नाका रिमॉडलिंग, आनंद नगर नाका से साकेत एलिवेटेड हाईवे, कोपरी से पाटनी बे ब्रिज, कोलशेट से गिमुख बे रोड के साथ-साथ खाड़ी से कोलशेट, कसार वडवली और गायमुख को जोड़ने के लिए न्यू ब्रिज, केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएँशामिल हैं |
उन्होंने इन सभी परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश शिंदे ने एमएमआरडीए के आयुक्त आर। ए। राजीव को दिया है |
शिंदे इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति सोमवार को राजीव को दी गई। ठाणे के विधायक के रूप में शिंदे खुद पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार और एमएमआरडीए के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। चूंकि पुणे, नासिक, अहमदाबाद, जेएन पीटी जैसे विभिन्न स्थानों पर जाने वाले सभी यातायात ठाणे शहर से गुजरते हैं, ठाणे में सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम है। नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग ठाणे के पास समाप्त हो जाएगा, और भिवंडी और कल्याण क्षेत्रों में एमएमआरडीए के माध्यम से विकास केंद्रों का विकास आगे चलकर यातायात समस्या को बढ़ाएगा।
इन परियोजनाओं को इन कारकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
सोमवार को परियोजनाओं की प्रस्तुति पर संतोष व्यक्त करते हुए, शिंदे ने इन सभी परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक पर ले जाने का निर्देश दिया और इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया।
पिछले कुछ वर्षों में यातायात की भीड़ के कारण ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी आदि का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि हम पिछले कई वर्षों से इन सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये परियोजनाएं स्थायी रूप से यातायात की भीड़ की समस्या को हल करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी परियोजनाओं की योजना भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।
जल्द ही ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो का संशोधित होगा लेआउट
भिवंडी से कल्याण चरण तक ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो लाइन के डिजाइन के बारे में कई शिकायतें थीं। चूंकि बहुत कम कल्याण मेट्रो द्वारा जुड़े होंगे, इसलिए कल्याण के अधिकांश लोग इस मेट्रो से वंचित रह जाते। इसलिए, शिंदे ने इसे एमएमआरडीए को परियोजना को गति देने का भी निर्देश दिया।
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ठाणे ज़िप के 13 ग्राम पंचायतों में ‘माझी वसुंधरा’ अभियान लागू होगा
मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 10 नवंबर राज्य सरकार के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रकृति, पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि और आकाश के पांच तत्वों की गुणवत्ता संरक्षण और संरक्षण प्रदान करने के लिए एआर्थ माय अर्थ ’नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। यह अभियान 13 ग्राम पंचायतों में ठाणे जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र के तहत लागू किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ। रूपाली सतपुते के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारियों, ग्रामसेवकों और सरपंच की एक बैठक हुई। यह अभियान लोगों का आंदोलन होना चाहिए न कि केवल एक अभियान। ऐसी अपील मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ। रूपाली सतपुते ने दर्शकों को संबोधित करते हुए आज की ।
मानव निर्मित प्रदूषण और जल और वायु प्रदूषण जैव विविधता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। प्रकृति के असंतुलन के कारण कई प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न नए रोगों की बढ़ती घटना है। इस संदर्भ में, प्रकृति के साथ मानवीय संबंधों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, मेरा वसुंधरा अभियान 2 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए गांव की कार्ययोजना तैयार करने का काम चल रहा है। बैठक में परियोजना निदेशक छाया देवी शिसोदे, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) चंद्रकांत पवार, कार्यकारी अभियंता (निर्माण) नितिन पालवे, कार्यकारी अभियंता (ग्रामीण जलापूर्ति) एच। एल। भस्म, जिला परिषद कृषि विकास अधिकारी श्रीधर काले, समूह विकास अधिकारी शाहपुर अशोक भावरी, समूह विकास अधिकारी अंबरनाथ शीतल कदम, समूह विकास अधिकारी कल्याण श्वेता पालवे, समूह विकास अधिकारी भिवानी डॉ। प्रदीप घोरपड़े, सरपंच और ग्रामसेवक उपस्थित थे।
अभियान में किया जाने वाला काम अभियान के तहत पंचतत्व से संबंधित तत्वों पर काम किया जाएगा। इसमें वानिकी, वानिकी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल, मिट्टी के क्षरण की रोकथाम से संबंधित कार्य शामिल होंगे। वायु प्रदूषण को कम करना, वायु गुणवत्ता में सुधार, जल संरक्षण, नदी संरक्षण, समुद्री जैव विविधता, जल संसाधनों के संरक्षण और संरक्षण के साथ-साथ तटीय सफाई, अग्नि सिद्धांत के अनुसार ऊर्जा का कुशल उपयोग, ऊर्जा की बचत, अपशिष्ट रोकथाम, गैर-पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के लिए नवाचार। लागू किया जाएगा। स्काई सिद्धांत ग्रीन कानून अनुपालन, पर्यावरण सुधार और संरक्षण जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करेगा। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) चंद्रकांत पवार ने यह जानकारी दी।अभियान में चयनित ग्राम पंचायतें जिले की 13 ग्राम पंचायतों को ‘मझी वसुंधरा’ अभियान के तहत चुना गया है। इनमें कल्याण तहसील में म्हाराल, भिवंडी तहसील में खोनी, कोन, करिवली, कटाई, रहल, पिंपलघर, शेलार, कलहर, शाहपुर तहसील में वाशिंद, मोखवने, असंगोन, अंबरनाथ तहसील में वांगानी, आदि 13 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, इन ग्राम पंचायतों की आबादी 10,000 से अधिक है।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
प्रत्येक तालुका वार नोडल अधिकारी को अभियान के कार्य में तेजी लाने के लिए नियुक्त किया गया है। प्रत्येक तहसील के समूह विकास अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। विस्तार अधिकारी स्तर के अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी और समन्वय अधिकारी के रूप में भी नियुक्त किया जाएगा।
मनसे कार्यकर्ता पर हमला करने वाले 4गिरफ्तार

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 10नवंबर ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय क्षेत्र में अंबरनाथ 8 अक्टूबर को एक मनसे कार्यकर्ता पर प्राणघातक हमला करने के आरोप में पुलिस ने 4आरोपियों को गिरफ्तार कर 11नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है ।
ठाणे पुलिस द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर को अंबरनाथ मनसे विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष मनोज महादेव शेलार पर चार अज्ञात लोगों ने तलवार से प्राणघातक हमला किया था ।फलस्वरूप मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए थे ।आरोपी फरार हो गए थे ।
अंबरनाथ पुलिस थाने के शिवाजी नगर थाने में जान से मारने का मामला दर्ज किए जाने के बाद उल्हासनगर क्राइम पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक श्याम रसाल को गुप्त को लगभग एक माह बाद 6 नबंवर को जानकारी मिली थी कि मनोज पर गंभीर रूप से हमला करने वाले कल्याण में छिपे हैं |
पुलिस ने कल्याण में पुराने लोहे के पुल से आरोपी माजिद मोहम्मद शेख,, अक्षय विनोद गिरी ,दीपक हरे राम तिवारी और रोहित इंद्र कामले को मराठी शाला के पास से गिरफ्तार कर लिया ।
पुलिस हमले के कारण के बारे में पता लगा रही है। पुलिस ने दोनों हीरो होंडा मोटरसाइकिल तलवार और मोबाइल भी उन से बरामद किए हैं।
तहसील में होता है ‘रिश्वत’ का खुला ‘खेल’, जिम्मेदार बेखबर।

भदोही। जिले में भ्रष्टाचार का खुला खेल विभिन्न विभागों में आये दिन देखने को मिलता है। लेकिन इसके बावजूद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी आरोपी को परोक्ष रूप से बचाते नजर आते है। जो कही न कही सरकार की छवि पर सवालिया निशान उठाते है। शिकायतकर्ता के कहने के बावजूद भी अधिकारी आरोपी के खिलाफ कोई खास कार्यवाही नही करते। और पूछे जाने पर केवल एक रटा रटाया जवाब देते है कि मामले संज्ञान में आया है। जांच की जायेगी और आरोप सही पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। लेकिन कुछेक मामले को छोड़कर बाकी मामलों में कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। और इसी रवैये के कारण गलत कार्य करने वालों का मनोबल बढ जाता है।
एक ऐसा ही मामला इधर कई दिन से भदोही तहसील के कंसरायपुर में देखने को मिल रहा है। जहां के संतोष दूबे ने अपने जमीन की पैमाइस कराने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो के मांगने पर मोटी रकम भी दिया। इसके बावजूद भी राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने पैमाइस की फाइल उच्च अधिकारी के यहां न भेजी और बार बार पीडित से पैसा लेते रहे। इससे अजीज आकर संतोष दूबे ने बीते तहसील दिवस पर शिकायत की। और बाद में मीडिया के माध्यम से भी गुहार लगाया। इस मामले में राजस्व निरीक्षक का सहयोगी नवीन ही लोगों से पैसे का लेनदेन करता है। इसका एक घूस लेने का विडियो वायरल हुआ तो प्रशासन सकते में आया। और कार्यवाही के नाम पर आरोपी राजस्व निरीक्षक के कार्यक्षेत्र में बदलाव दिया गया। लेकिन आऊटसाइडर दलाल नवीन के बारे में एसडीएम भदोही ने कहा कि उसके बारे में जानकारी नही है। हालांकि मामले की जांच तहसीलदार को दे दी गई है। लेकिन यहां सवाल उठता है कि आऊटसाइडर के नाम की चर्चा पूरे तहसील में है और वह पैसे के लेनदेन का राजस्व निरीक्षक के लिए करता है। लेकिन फिर भी उच्च अधिकारी को इस मामले की जानकारी नही है। कि नाक के नीचे ही चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल। मालूम हो कि कंसरायपुर मामले में वीडियो वायरल होने से इसकी पोल खुली नही तो पता नही कब से तहसील में रिश्वत का खेल हो रहा है। वैसे इस मामले के बारे में उच्च अधिकारी भले ही अनभिज्ञता जाहिर करे लेकिन तहसील में बिना सुविधा शुल्क लिये कोई काम नही होता है।पवन पुरवईया न्यूज़ से अंकित पांडे के साथ
म्यु•मजदूर यूनियन ने मनपा कर्मचारियों को कोविड-19 सम्मान पत्र दिया

मुंबई वैश्विक महामारी कोरोना (covid-19) से जहाँ भारत के सभी नागरिक सरकार के आदेशानुसार अपनी सुरक्षा हेतु घरों में थे,वहीं मनपा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी और अपने परिवार के जान की परवाह न करते हुए मुंबई के नागरिकों की सुरक्षा हेतु मुंबई से दूर के कर्मचारी एस टी,बी एस टी बस,रिक्शा,टैक्सी, बाइक आदि से आवागमन करके अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने आते थे।ऐसे साहशी कर्मचारियों के कार्यों को देख म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई के अध्यक्ष अॅड• सुखदेव काशिद, सरचिटणीस अॅड• महाबल सेट्टी,कार्याध्यक्ष वामन कविस्कर,कार्याध्यक्ष अशोक जाधव,सरचिटणीस त्रिशिला कांबले,सहायक सर-चिटणीस शैलेन्द्र खानविलकर ने कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देने का निर्णय लिया।आरोग्य खाते के उपाध्यक्ष- संदीप भरणकर,संजय बने,विजय उपाध्याय,मनोज त्रिपाठी,संघटक- गौरव निंबालकर,प्रवीण कदम,सक्रिय कार्यकर्ता-विनय कुमार शर्मा,भालचंद्र वाणी,रविन्द्र पगारे,रविन्द्र जाधव,सुनील वाघमारे,किरण भेरे,दीलीप जाधव,सुनीत सावंत,विनय तिवारी,संदीप गोलवणकर,राठौड़ आदि के हाथों सभी विभागों के कर्मचारियों को कोविड-19 सम्मान-पत्र देकर सम्मानित कर हौसला बढाया गया।यूनियन के सक्रिय कार्यकर्ता विनय कुमार शर्मा ने जी/दक्षिण विभाग के कर्मचारियों,अधिकारियों में अनिल धुरी,बालू खामकर,प्रिया राणे,विनोद फणशेकर,संतोष प्रभूलकर,दीपक तुलस्कर, चंद्रकांत सुर्वे,दत्ता कोलापटे, विश्वनाथ सांगले,उन्मेश कामतेकर,तुषार शिंदे,दयाराम यादव,विवेक माधव,किरण सोनवणे,सुनील कर्पे,हीरा वसावे, भारती पेडणेकर,वेदा पाटील, डाॅ•प्रज्योत चौहान,सुभदा वाणी,प्रिती चौधरी,विलास रा काकडे,राजेश सुरवाडे,कल्पना पवार,श्रेया गमरे,अर्पिता लिंबास्कर,सुजाता परब,तृप्ति प्र मांजलकर,शर्वरी कदम,गौरी कांबले आदि को कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।
म्यु•मजदूर यूनियन ने मनपा कर्मचारियों को कोविड-19 सम्मान पत्र दिया

मुंबई वैश्विक महामारी कोरोना (covid-19) से जहाँ भारत के सभी नागरिक सरकार के आदेशानुसार अपनी सुरक्षा हेतु घरों में थे,वहीं मनपा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी और अपने परिवार के जान की परवाह न करते हुए मुंबई के नागरिकों की सुरक्षा हेतु मुंबई से दूर के कर्मचारी एस टी,बी एस टी बस,रिक्शा,टैक्सी, बाइक आदि से आवागमन करके अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने आते थे।ऐसे साहशी कर्मचारियों के कार्यों को देख म्युनिसिपल मजदूर यूनियन मुंबई के अध्यक्ष अॅड• सुखदेव काशिद, सरचिटणीस अॅड• महाबल सेट्टी,कार्याध्यक्ष वामन कविस्कर,कार्याध्यक्ष अशोक जाधव,सरचिटणीस त्रिशिला कांबले,सहायक सर-चिटणीस शैलेन्द्र खानविलकर ने कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देने का निर्णय लिया।आरोग्य खाते के उपाध्यक्ष- संदीप भरणकर,संजय बने,विजय उपाध्याय,मनोज त्रिपाठी,संघटक- गौरव निंबालकर,प्रवीण कदम,सक्रिय कार्यकर्ता-विनय कुमार शर्मा,भालचंद्र वाणी,रविन्द्र पगारे,रविन्द्र जाधव,सुनील वाघमारे,किरण भेरे,दीलीप जाधव,सुनीत सावंत,विनय तिवारी,संदीप गोलवणकर,राठौड़ आदि के हाथों सभी विभागों के कर्मचारियों को कोविड-19 सम्मान-पत्र देकर सम्मानित कर हौसला बढाया गया।यूनियन के सक्रिय कार्यकर्ता विनय कुमार शर्मा ने जी/दक्षिण विभाग के कर्मचारियों,अधिकारियों में अनिल धुरी,बालू खामकर,प्रिया राणे,विनोद फणशेकर,संतोष प्रभूलकर,दीपक तुलस्कर, चंद्रकांत सुर्वे,दत्ता कोलापटे, विश्वनाथ सांगले,उन्मेश कामतेकर,तुषार शिंदे,दयाराम यादव,विवेक माधव,किरण सोनवणे,सुनील कर्पे,हीरा वसावे, भारती पेडणेकर,वेदा पाटील, डाॅ•प्रज्योत चौहान,सुभदा वाणी,प्रिती चौधरी,विलास रा काकडे,राजेश सुरवाडे,कल्पना पवार,श्रेया गमरे,अर्पिता लिंबास्कर,सुजाता परब,तृप्ति प्र मांजलकर,शर्वरी कदम,गौरी कांबले आदि को कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।
मां की हत्या कर नौ वर्ष से पश्चिम बंगाल से फरार आरोपी ठाणे में गिरफ्तार

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 06नवंबर पश्चिम बंगाल के 24उत्तर परगना जिला स्वरूपनगर पुलिस स्टेशन में करीब नौ वर्ष पूर्व अपनी मां की हत्या कर फरार हुए आरोपी 32वर्षीय सलीम लूतफर मोल्ला को ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कल 5नवंबर को जांबली नाका से गिरफ्तार किया है ।
ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार, ठाणे पुलिस के अपराध शाखा क्रमांक एक के पुलिस उपनिरीक्षक दत्ता त्रय सरक को जानकारी मिली थी कि पश्चिम बंगाल जिला उत्तर 24 परगना स्वरूप नगर पुलिस थाने का फरार हुआ आरोपी सलीम लुतफर मोल्ला गुरुवर को शाम साढ़े चार बजे के दरम्यान ठाणे में जांबली नाका स्थित गणेश मंदिर के निकट आने वाला है ।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन ठाकरे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक दत्तात्रेय सरक ने उसे नियोजित तरीके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पश्चिम बंगाल के 24परगना जिले का निवासी ठाणे जिले के भिवंडी में रहता था ।उसने 2011में बंगाल में अपनी सौतेली मां की हत्या कि ,और फरार हो गया था ।ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच उसे उत्तर 24 परगना जिला स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन को सौंपने की तैयारी में है।
बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की शिव सेना शपथ लें। क्या ठाणे मनपा प्रबंधन भ्रष्टाचार मुक्त है,बीजेपी पार्षद का आरोप
मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 06नवंबर ठाणे मनपा की स्थायी समिति की बैठक अभी भी सदन में पहले की तरह आयोजित नहीं की गई है ताकि ठाणे नगर निगम द्वारा किया गया भ्रष्टाचार उजागर न हो और कोरोना अवधि के दौरान किए गए भ्रष्टाचार को कोरोना संक्रमण के नाम पर छुपाया जाए। यह आरोप ठाणे मनपामें बीजेपी के नगर सेवक कृष्णा पाटील ने सत्ता पक्ष पर लगाते हुए कहा है कि,इसलिए, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, संरक्षक मंत्री, मेयर, स्थायी समिति के अध्यक्ष को दिवंगत बाला साहेब ठाकरे और स्वर्गीय आनंद दिघे साहेब की शपथ लेनी चाहिए और कहना चाहिए कि ठाणे नगर निगम के प्रबंधन में अनियमितताओं के कारण भ्रष्टाचार नहीं हुआ है।
उन्होंने इस संबंध में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एक पत्र लिखा है और मांग की है कि अगली स्थायी समिति की बैठक विधानसभा हॉल में आयोजित की जाए। कृष्णा पाटिल ने इस संबंध में कुछ सवाल उठाए हैं क्योंकि यह पता चला है कि निगम बार-बार मांग के बावजूद बैठक आयोजित करने के पक्ष में नहीं है।
कोविद -19 के प्रकोप के कारण, ठाणे नगर निगम की अब तक की सभी बैठकें वेबिनार पर आयोजित की गई हैं। अब विधानसभा सत्र, संसद सत्र और विभिन्न सरकारी कार्यक्रम सदन में हो रहे हैं। बाजार, कार्यालय, मॉल, स्विमिंग पूल, जिम भी पूरी क्षमता से जनता के लिए खुले हैं, और सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति है।
बेस्ट बसें और टीएमटी बसें पूरी यात्री क्षमता रखती हैं, लेकिन लोकल ट्रेनों में हमेशा की तरह भीड़ होती है। फिर यात्रियों, नागरिकों, विधायकों, सांसदों को कोरोना संक्रमण नहीं होता है।
लेकिन भले ही ठाणे नगर निगम के पास कई विशाल हॉल हैं, लेकिन निगम की विभिन्न बैठकों का आयोजन करते हुए कोरोना को नगरसेवकों और महानगरपालिका अधिकारियों को कैसे प्रेषित किया जा सकता है? यह सवाल कृष्णा पाटिल से पूछा गया है।
ठाणे महानगर पालिका की स्थायी समिति की बैठक और महासभा वेबिनार प्रणाली को रद्द करने और अगैन मिशन स्टार्ट अगेन ’को लागू करते समय संबंधित हॉल में इसे फिर से शुरू करने के बारे में प्रशासन और राज्य सरकार की क्या आशंकाएं हैं? उन्होंने इस तरह के कुछ सवाल उठाए हैं।
इसलिए, यदि नवंबर 2020 की स्थायी समिति की बैठक और महासभा की वेबिनार प्रणाली को रद्द और पुनर्निर्धारित नहीं किया गया, तो संबंधित पदाधिकारियों और अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना योजनाओं का लाभ उठाएं
मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान ठाणे 06 नवंबर आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए, सरकार ने ठाणे जिले में वर्ष 2020-21 में बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना (क्षेत्र के बाहर ) को लागू करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत निम्नलिखित मदों को शामिल किया गया है और उनकी अधिकतम अनुदान सीमा निम्नानुसार है। नए कुएं पर – रु। 250,000, पुराना कुआ रिपेयर – रु। 50,000, इनवेल बोरिंग – रु। 20,000, पॉवर कनेक्शन साइज़ – रु। 10,000, फ़ार्म प्लास्टिक लाइनिंग – रु। 1,00,000, माइक्रो इरिगेशन सेट ए। ड्रिप सेट – रु। 50,000, बी) स्प्रिंकलर सेट – रु। 25,000, किचन गार्डन – रु। 500, पंप सेट (डीजल / बिजली) – रु।
यद्यपि इस योजना के तहत उपरोक्त मदों को कवर किया गया है, इस योजना का लाभ पैकेज के रूप में देय है, कुल तीन पैकेज हैं, जिनमें से एक पैकेज का लाभ देय होगा।
· नया कुएं पैकेज: – इस पैकेज के तहत लाभान्वित होने वाले किसान नए अच्छी बिजली कनेक्शन आकार माइक्रो सिंचाई सेट (ड्रिप / स्प्रिंकलर), पंप सेट, पीवीसी / एचडीपीई पाइप, किचन गार्डन के हकदार हैं। हालांकि, लाभार्थी को किसी भी पिछली सरकारी योजना से नए कुएं का लाभ नहीं लेना चाहिए था।
· पुराने कुओं की मरम्मत: – इस पैकेज के तहत लाभ पाने वाले पुराने कुओं, बिजली कनेक्शन के आकार, सूक्ष्म सिंचाई सेट (ड्रिप / स्प्रिंकलर), पंप सेट, पीवीसी / एचडीपीई पाइप, किचन गार्डन की मरम्मत के हकदार हैं। हालांकि, लाभार्थियों को किसी भी पिछली सरकारी योजना से अच्छी तरह से घटक का लाभ नहीं लेना चाहिए था।
· फार्म लाइनिंग: – इस पैकेज के तहत, लाभार्थियों को खेत की प्लास्टिक लाइनिंग, बिजली कनेक्शन आकार, माइक्रो सिंचाई सेट (ड्रिप / स्प्रे), पंप सेट, पीवीसी / एचडीपीई पाइप, किचन गार्डन का लाभ दिया जाता है। हालांकि, ऐसे लाभार्थी को किसी भी पिछली सरकारी योजना से नए कुएं, पुराने कुएं की मरम्मत का लाभ नहीं लेना चाहिए था।
अनुदान सब्सिडी उन किसानों को देय होगी, जिन्होंने पहले ही सरकारी योजना से कुआँ खुदवा लिया है या अपनी लागत पर कुँए का निर्माण किया है।
इस योजना के लिए लाभार्थी पात्रता मानदंड
Y बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के लिए, लाभार्थी के लिए अनुसूचित जनजाति के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
ओरिजिनस बेनेफिशियरी के पास कम से कम 0.40 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र होना चाहिए ताकि नए कुओं का लाभ उठाया जा सके। अन्य चीजों का लाभ लेने वाले किसानों के पास कम से कम 0.20 हेक्टेयर क्षेत्र होना चाहिए।
इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए अधिकतम क्षेत्र की सीमा 6.00 हेक्टेयर है।
/ किसान के पास अपने नाम पर 7/12 प्रमाण पत्र और जमीन की अटेंडेंस होनी चाहिए। (नगर पंचायत, नगरपालिका, महानगर पालिका क्षेत्र से लाभार्थियों को छोड़कर)
लाभार्थी के पास अपना आधार कार्ड होना चाहिए।
Ø लाभार्थी का अपना बैक खाता उसके आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए।
Y बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के तहत, पारंपरिक वन निवासियों (वन अधिकार मान्यता) अधिनियम 2006 के अनुसार, वन किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।
Ø हर तरह से लाभार्थियों की वार्षिक आय 1,50,000 / – रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की सुविधा वित्तीय वर्ष 2020-21 में उपलब्ध कराई गई है और इच्छुक किसानों को महाबीटी पोर्टल पर https://mahadbtmahait.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन करना चाहिए। इसके लिए जाति प्रमाण पत्र, 7/12, 8A प्रतिलेख, आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या, तहसीलदार का आय प्रमाण पत्र और साथ ही ग्राम सभा संकल्प आदि की आवश्यकता होती है। किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद, उन्हें समय पर संबंधित पंचायत समिति कार्यालय के कृषि अधिकारी को सभी आवश्यक मूल दस्तावेजों के साथ अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहिए।
ठाणे जिले में इच्छुक किसानों को बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना (इन-एरिया / आउट-ऑफ-एरिया) योजना का लाभ उठाना चाहिए और अधिक जानकारी के लिए उन्हें अपने संबंधित पंचायत समिति में कृषि अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। संजय निमसे, अध्यक्ष, कृषि और पशुपालन समिति, जिला परिषद ठाणे, साथ ही अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद ठाणे।
भदोही में राजस्व विभाग के कर्मी ने पीडि़त से ली ‘रिश्वत, पीडित ने की शिकायत।

भदोही। भले ही सरकार भ्रष्टाचार निवारण और इस पर सख्ती की बात करती है लेकिन सरकार की यह मंशा केवल हवा हवाई के अलावा कुछ नही है क्योकि सरकारी कर्मचारी अपनी पुरानी आदतों की वजह से सरकार के आदेश की खुलेआम धज्जियां उडाते है। और जनता के मन में सरकार के खिलाफ नाराजगी होती है। एक खास बात और देखने को मिलती है कि कुछेक मामले में जिम्मेदार अधिकारी को मामले की जानकारी होती है इसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नही होती है। और पीडित दर दर की ठोकर खाने पर विवश होता है।
एक मामला भदोही तहसील के कंसरायपुर गांव का प्रकाश में आया है जहां पर राजस्व कर्मियों ने पीडित से काम पूरा कराने के नाम मोटी रकम ली है और कई माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही न हुई।
पीडित संतोष कुमार दूबे ने बताया कि उनके एक जमीन की पैमाइस होनी थी जिसके लिए उन्होने दो हजार का बैंक से चालान जमा किया। और बीस हजार नकद रिश्वत लेने के बाद क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने बीते आठ अगस्त को पैमाइस की। और तीन माह बाद भी अभी तक तहसीलदार या एसडीएम के पास तक पैमाइस की फाइल नही पहुंची है। और जब भी पीडित लेखपाल या कानूनगो से बात करता है तो वे लोग और भी सुविधा शुल्क मांगते है। और इसी के नाम पर बीस हजार के अलावा कई बार हजार पांच सौ लेकर पीडित को मूर्ख बनाते है। पीडित ने बीते तहसील दिवस पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का कहना है कि जब तक प्रशासन के तरफ से आदेश नही प्राप्त हो जाता तब तक आसपास के खेत के खाताधारक जमीन पर निर्माण नही करने देना चाहते है और विवाद करना चाहते है। लेकिन पैमाइस के तीन माह बाद भी क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नही भेजी है। संतोष कुमार की आशंका है कि ये राजस्वकर्मी काम के लिए और मोटी रकम मांग रहे है और मै उतना देने में असमर्थ हूं। शायद इसी वजह से फाइल को उच्च अधिकारी के पास नही भेज रहे है। हालांकि पीड़ित ने कहा कि अब यह मामला उच्च अधिकारी के संज्ञान में आने पर हो सकता है मेरे साथ न्याय हो।
भदोही तहसील के इस मामले को लेकर तो यह बात स्पष्ट हो गई की तहसील में रिश्वत का खुला खेल चल रहा है। और उच्च अधिकारी इस तरह विभाग और सरकार को बदनाम करने वालों पर अपनी कृपा बनाये हुए है।