मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 10 नवंबर राज्य सरकार के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रकृति, पृथ्वी, वायु, जल, अग्नि और आकाश के पांच तत्वों की गुणवत्ता संरक्षण और संरक्षण प्रदान करने के लिए एआर्थ माय अर्थ ’नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। यह अभियान 13 ग्राम पंचायतों में ठाणे जिला परिषद के अधिकार क्षेत्र के तहत लागू किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ। रूपाली सतपुते के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारियों, ग्रामसेवकों और सरपंच की एक बैठक हुई। यह अभियान लोगों का आंदोलन होना चाहिए न कि केवल एक अभियान। ऐसी अपील मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ। रूपाली सतपुते ने दर्शकों को संबोधित करते हुए आज की ।
मानव निर्मित प्रदूषण और जल और वायु प्रदूषण जैव विविधता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। प्रकृति के असंतुलन के कारण कई प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न नए रोगों की बढ़ती घटना है। इस संदर्भ में, प्रकृति के साथ मानवीय संबंधों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, मेरा वसुंधरा अभियान 2 अक्टूबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए गांव की कार्ययोजना तैयार करने का काम चल रहा है। बैठक में परियोजना निदेशक छाया देवी शिसोदे, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) चंद्रकांत पवार, कार्यकारी अभियंता (निर्माण) नितिन पालवे, कार्यकारी अभियंता (ग्रामीण जलापूर्ति) एच। एल। भस्म, जिला परिषद कृषि विकास अधिकारी श्रीधर काले, समूह विकास अधिकारी शाहपुर अशोक भावरी, समूह विकास अधिकारी अंबरनाथ शीतल कदम, समूह विकास अधिकारी कल्याण श्वेता पालवे, समूह विकास अधिकारी भिवानी डॉ। प्रदीप घोरपड़े, सरपंच और ग्रामसेवक उपस्थित थे।
अभियान में किया जाने वाला काम अभियान के तहत पंचतत्व से संबंधित तत्वों पर काम किया जाएगा। इसमें वानिकी, वानिकी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अपशिष्ट जल, मिट्टी के क्षरण की रोकथाम से संबंधित कार्य शामिल होंगे। वायु प्रदूषण को कम करना, वायु गुणवत्ता में सुधार, जल संरक्षण, नदी संरक्षण, समुद्री जैव विविधता, जल संसाधनों के संरक्षण और संरक्षण के साथ-साथ तटीय सफाई, अग्नि सिद्धांत के अनुसार ऊर्जा का कुशल उपयोग, ऊर्जा की बचत, अपशिष्ट रोकथाम, गैर-पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन के लिए नवाचार। लागू किया जाएगा। स्काई सिद्धांत ग्रीन कानून अनुपालन, पर्यावरण सुधार और संरक्षण जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करेगा। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) चंद्रकांत पवार ने यह जानकारी दी।अभियान में चयनित ग्राम पंचायतें जिले की 13 ग्राम पंचायतों को ‘मझी वसुंधरा’ अभियान के तहत चुना गया है। इनमें कल्याण तहसील में म्हाराल, भिवंडी तहसील में खोनी, कोन, करिवली, कटाई, रहल, पिंपलघर, शेलार, कलहर, शाहपुर तहसील में वाशिंद, मोखवने, असंगोन, अंबरनाथ तहसील में वांगानी, आदि 13 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, इन ग्राम पंचायतों की आबादी 10,000 से अधिक है।
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
प्रत्येक तालुका वार नोडल अधिकारी को अभियान के कार्य में तेजी लाने के लिए नियुक्त किया गया है। प्रत्येक तहसील के समूह विकास अधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। विस्तार अधिकारी स्तर के अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी और समन्वय अधिकारी के रूप में भी नियुक्त किया जाएगा।