भगवान की कृपा के बिना भक्ति व मोक्ष संभव नही- रूपक महराज।


भदोही। गोपीगंज थाना क्षेत्र के छतमी में स्थित हरसुब्रह्म मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित रूपक महराज ने शनिवार को अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण की कथा को बडे ही मार्मिक ढंग से उपस्थित श्रोताओ को बताया।
महराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जब से विद्याध्ययन करके वापस आये तब से उनके भाव में काफी परिवर्तन देखा गया। जिसे देखकर माता-पिता काफी चिन्तित रहते। महराज ने बताया कि पुत्र कितना भी बड़ा हो जाये तो लेकिन माता-पिता के लिए वह हमेशा ही बच्चा रहता है। कहा कि ठीक ऐसे ही माता-पिता भगवान श्रीकृष्ण के लिए भी काफी चिन्तित रहते लेकिन भगवान श्रीकृष्ण अपने ही हिसाब से रहते। महराज ने बताया कि भगवान के रहस्य को जानना सामान्य बात नही है। भगवान के रहस्य को वही जान सकता है जिसपर भगवान की कृपा रहती है। कहा कि भगवान की कृपा के बिना भक्ति संभव नही है। बताया कि उधौजी भी ज्ञान और भक्ति के जानकार रहे लेकिन गोपियों के प्रेम के आगे टिक न सके। कहा कि भगवान की प्राप्ति में प्रेम बहुत ही जरूरी है। भगवान भाव के भूखे है न कि भौतिक वस्तुओं की। इस मौके पर काफी संख्या में श्रोता मौजूद थे।पवन पुरवईया न्यूज़ से अंकित पाण्डे के साथ सतीश चौहान भदोही उत्तर प्रदेश

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