जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिकित्सक ने उठाया सवाल।


भदोही। शासन प्रशासन भले स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सक्रियता दिखाती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जहां पर लापरवाही और मनमानी का खुलेआम खेल देखने को मिलता है। शुक्रवार को जंगीगंज में स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ऐसा नजारा दिखा जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का खुलेआम धज्जियां उडाते देखी गई। मरीज एक दुसरे से सट कर खडे होकर दवा के लिए लाइन लगाये थे। स्वास्थ्य केन्द्र पर बिजली तो है लेकिन पंखा नही चल रहा था। सैनिटाइजर इत्यादि की भी व्यवस्था नही है। इस बाबत जब स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात डा आरसी यादव से बात की कई तो उन्होने अपने विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए
बताया कि इस केन्द्र पर जो कोविड -19 को लेकर सुविधा होनी चाहिए वह नही है। कहा कि इस केन्द्र ग्रामीण क्षेत्र से मरीज आते है जिनके संक्रमण की संभावना अधिक है। इसके लिए विभाग को बताया गया है लेकिन सुविधायें नही उपलब्ध कराई गई है। डा यादव ने कहा कि खुद हम लोगो को पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क नही उपलब्ध है। यहां सैनिटाइज की सुविधा नही है फिनायल का उपयोग करके सफाई कराई जाती है। डा ने खुद विभाग की सवाल उठाते हुए कहा कि नियत समय सैनिटाइज की सुविधा होनी चाहिए जो नही है। क्योकि मरीजों की संख्या को देखते हुए संक्रमण से इन्कार नही किया जा सकता है। डाक्टर ने कहा कि हम लोग ईलाज करे कि शिकायत?
डीघ ब्लाक के स्वास्थ्य प्रभारी डा गुलाब यादव ने बताया कि सैनिटाइटर की व्यवस्था केवल चिकित्सकों के लिए है न कि मरीजों के लिए। अब यहां सवाल पैदा होता है कि आखिर मरीजों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों? जबकि सरकार लोगों को सैनिटाइजर के लिए प्रेरित कर रही है और यहां चिकित्सक साफ साफ कह रहे है कि सैनिटाइजर की सुविधा मरीजों के लिए नही है। देखने और पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

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