पीपीई मास्क पर गृह निर्माण मंत्री आव्हाड ने की केंद्र की आलोचना


मुंबई ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान )10 अप्रैल केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को अनुमति के बिना पीपीई किट और मास्क नहीं लेने का निर्देश दिया है। यह कहना है कि महाराष्ट्र के गृह निर्माण मंत्री जीतेन्द्र आव्हाड का ,उन्होंने आज कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले से डॉक्टर की जान खतरे में है |
उन्होंने राज्य बीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि , महाराष्ट्र की भाजपा को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और इस परिपत्र को रद्द करने की मांग करनी चाहिए|
वाधवान इस संदर्भ में, गृह मंत्री ने कहा कि अनिवार्य अवकाश पर भेजे जाने के दौरान संबंधित अधिकारी का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। जितेंद्र आव्हाड ने इस विषय पर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र में भाजपा को भी निशाने पर लिया है |
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को पीपीई किट खरीदने से मना कियागया है , लेकिन इस पर भाजपा ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि उसी मुद्दे पर राजनीति शुरू कर दी है।
आव्हाड ने आगे कहा कि कोई भी अधिकारी किसी को भी एक पत्र देता है और वे महाबलेश्वर जाते हैं। इसका किसी से कोई लेना-देना नहीं है। उस अधिकारी ने इसे अपने दिल से किया है। लेकिन, यह सारा दोष शरद पवार पर डाला जा रहा है। शरद पवार के नाम के बिना, भाजपा नेतृत्व जानता है ,कि उसकी राजनीति नहीं चलेगी। यही पिछले 50 वर्षों से भाजपा कर रही है।
बड़ी बात यह है कि , कि पत्र आने के बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख स्वयं मुख्यमंत्री के पास गए; तुरंत, दोनों लोगों ने मामले पर चर्चा की और संबंधित अधिकारी को जबरन छुट्टी पर भेज दिया, जबकि संबंधित अधिकारी सो रहा था। यह इतनी सक्षम सरकार है और इसका नेतृत्व शरद पवार कर रहे हैं।
हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हैं; लेकिन, हमारे भीष्मचार्य शरद पवार हैं। हम इस तरह की व्यर्थ की बाते नहीं करते हैं। अब एक और जब केंद्र का एक पत्र आया है, जिसमें कहा गया है कि आप हमारी अनुमति के बिना पीपीई किट नहीं चाहते हैं; मास्क पहनना नहीं चाहते; कोई चिकित्सा सामग्री नहीं ले सकते है। लोग मर रहे हैं, लोग चिल्ला रहे हैं क्योंकि पीपीई किट नहीं है; हम अभी भी अपना मुंह बंद रखे हुए थे।
हम राजनीति नहीं करना चाहते थे। लेकिन, सवाल कि कि केंद्र ने ऐसा क्यों किया। क्या उनका महाराष्ट्र के बारे में कोई कुटिल इरादा है? क्या बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग करेगी कि सर्कुलर को तुरंत वापस लिया जाए?
लोगों के इलाज के लिए हम इस सामग्री का उपयोग करना चाहते हैं | हम अपने डॉक्टरों की देखभाल करते हैं -; हम कोरोना के उन्मूलन के लिए महाराष्ट्र के सभी खजाने का उपयोग करेंगे और लोगों के जीवन को बचाएंगे। हालांकि, केंद्र ने इस तरह की बाधा लाकर महाराष्ट्र को मुश्किल में डाल दिया है।

डाक्टर से मिलने हेतू ठाणे मनपा की मुफ्त ऑनलाइन सुविधा


मुंबई ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 10 अप्रैल कोरोना के संकट के समय जब घर से निकलना मुश्किल है ,ऐसे में ठाणे महानगरपालिका ने घर से ही डॉक्टर से संपर्क करने के लिए निशुल्क ऑनलाइन सेवा शुरू की है । ठाणे महानगरपालिका ही एक निगम है, जिसने देश में पहली वार ऐसी सेवा शुरू की है।
ठाणे मनपा के आयुक्त विजय सिंघल द्वारा नागरिकों घर में रहकर ही डॉक्टर ऑनलाइन संपर्क कर इलाज के लिए सुविधा के लिए जांच की जा रही है ,और यह सुविधा पूरी तरह से नि: शुल्क है ।अब वीडियो के माध्यम से सीधे फोन करके अपने निजी चिकित्सक से संपर्क कर सकते है ।
ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल द्वारा दिए गए प्रस्ताव को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ठाणे के सहयोग से लागू किया जा रहा है और यह देश में ठाणे मनपा की पहली ऐसी पहल है ,जिसे कोविद की पृष्ठभूमि में लागू किया जाएगा।
यह सुविधा महानिदेशक ठाणे प्रणाली के माध्यम से लागू की गई है और वेबसाइट http://www.touchbase.live पर जाकर सीधे वीडियो कॉल करके, नागरिक उपलब्ध विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुफ्त परीक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिक अपने स्मार्ट मोबाइल फोन या लैपटॉप पर डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा ठाणे के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा नि: शुल्क प्रदान की जाएगी ।यह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ठाणे मनपा की मदद से कार्यान्वित कर रही है।

वर्तमान में, इस सुविधा के तहत लगभग 40 डॉक्टर उपलब्ध हैं ,और डॉक्टर अभी भी सेवाओं के लिए पंजीकरण कर रहे हैं। यह सुविधा डॉक्टरों को स्क्रीन पर मरीजों को देखने, उनके साथ बातचीत करने और यहां तक कि दवा लेने के | साथ ही रोगियों के साथ-साथ डॉक्टरों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करेगी।
ठाणे में फाइंडेबिलिटी साइंसेज कंपनी ने इस सेवा को नि: शुल्क उपलब्ध कराया है। 1 जून तक, यह सेवा नि: शुल्क है और सभी नागरिकों को इसका लाभ उठाने का आग्रह किया गया है ।

आप इसका उपयोग कैसे करते हैं?

  1. http://www.touchbase.live/ पर अपने मोबाइल या लैपटॉप के वेब ब्राउज़र से ‘क्लाइंट साइनअप’ पर क्लिक करें।
  2. दिए गए फॉर्म पर अपनी पूरी जानकारी भरें।
    4। सारी जानकारी भरने के बाद आपका अकाउंट बन जाएगा
    5। खाता बनाते समय ‘साइन अप करें’
    6। डैशबोर्ड पर उपलब्ध डॉक्टरों की सूची से, उस डॉक्टर का चयन करें और कॉल करें जिसे आप चाहते हैं।
    7। कुछ ही मिनटों में आप एक डॉक्टर से जुड़ जाएंगे और आप अपने डॉक्टर से अपनी समस्याओं के बारे में पूछ सकते हैं

ठाणे थोक किराना बाज़ार प्रतिबंधित ,सिर्फ ऑनलाइन बिक्री

मुंबई ,ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 10 अप्रैल ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने आज यहां शहर के सबसे बड़े थोक किराना बाज़ार में दुकानदारों की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। ताकि जाम्भली नाका मुख्य सब्जी बाजार भी पूरी तरह से बंद हो जाए । क्योंकि इससे जुड़ा थोक किराना बाज़ार के दुकानदार सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। अब इसके बाद , टेलीफोन द्वारा माल का ऑर्डर देकर, उन्हें तदनुसार वितरण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा ।

इस बीच, मनपा आयुक्त सिंघल ने किराने की दुकान मालिकों से सामाजिक दूरी नियमों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है| जो कोरोना कोविद के संदूषण पर अंकुश लगाने के लिए, नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों के पंजीकरण को रद्द करने की चेतावनी भी दी हैं।

इस निर्णय के कारण, अब इसे सीधे सबसे बड़े किराना थोक बाजार में ग्राहकों को सामान बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। थोक विक्रेताओं को केवल टेलीफोन या ऑनलाइन पंजीकरण द्वारा अपने माल को सीधे रिटेलर की दुकान पर भेजना होगा। किसी भी मामले में थोक व्यापारी ग्राहकों को खुदरा बेचने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। लेकिन सभी बिक्री ऑनलाइन और टेलीफोन पर ऑर्डर करके की जानी चाहिए।

इस बीच, अगर 4 से अधिक लोग एक साथ आते हैं, तो उन पर मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें कहा गया है कि दुकानदारों को किसी भी मामले में दुकान में भीड़ न करने के लिए सावधान रहना चाहिए। दुकानदारों की यह भी जिम्मेदारी है कि वे सामाजिक परस्पर दूरी बनाने का अनुपालन करें और जो दुकानदार अनुपालन नहीं करते हैं, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई 1897 और आपातकालीन प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई करके दुकानों के पंजीकरण को रद्द करने की कार्रवाई की होगी |

मास्क का उपयोग करनाअनिवार्य ,जिलाधिकारी


मुंबई ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान )10 अप्रैल ठाणे जिला अधिकारी राजेश नार्वेकर ने आज स्पष्ट किया है , कि सभी नागरिक, सेवा के आवश्यक और आवश्यक कर्मचारी, मालवाहक को मास्क का उपयोग करना अब अनिवार्य किया गया है ।
ठाणे जिले के अधिकार क्षेत्र में संक्रमण और कोहिद -19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, नागरिकों चेहरे पर मास्क अनिवार्य रूप से करना चाहिए ,क्योंकि वे किसी भी सार्वजनिक स्थान पर घूमते हैं।
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति जैसे सड़क, अस्पताल, कार्यालय, बाजार आदि। चारों ओर घूमते समय, चेहरे पर ट्रिपल लेयर मास्क लगाना अनिवार्य है,
किसी भी व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह किसी भी वाहन से जाते समय ऊपर बताए अनुसार मास्क पहने।
जैसा कि अब स्पष्ट कर किया गया है, कि किसी भी व्यक्ति को कार्यालय, कार्यस्थल और अन्य स्थानों के साथ-साथ बैठकों में उपस्थित होने पर चेहरे पर मास्क पहनना अनिवार्य है।
इस मास्क का उपयोग एक योग्य गुणवत्ता वाले औषधालय द्वारा किया जा सकता है या धोने के बाद घर से धोए जाने वाले और कीटाणुरहित बनाया जा सकता है।
यदि इस आदेश का उलंघन करने पर , जिला मजिस्ट्रेट राजेश नार्वेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि, उत्तरदाई व्यक्ति आपदा प्रबंधन अधिनियम 2 की धारा 2 (बी), भारतीय दंड संहिता की धारा 2 (2 का 1) और भारतीय रोग नियंत्रण अधिनियम की धारा 1949 के लिए उत्तरदायी होगा ।

ठाणे मनपा अस्पताल में 29 मरीजों का मुफ्त डायलिसिस

मुंबई ,ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 10अप्रैल मुंब्रा के कालसेकर अस्पताल को बंद करने के कारण, आज से, ठाणे मनपा के हीरानंदानी में डायलिसिस सेंटर में 20 और हजूरी में जीतो अस्पताल में 9 मरीजों का डायलिसिस किया गया है।
सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे, महापौर नरेश म्हस्के और राकांपा नेता नजीब मुल्ला के प्रयासों से, ठाणे में डायलिसिस सेंटर तुरंत खोला गया है ।

मुम्ब्रा में कलसेकर अस्पताल कोरोना की पीठ को बंद कर दिया गया है। इस अस्पताल में गरीब और जरूरतमंद मरीज डायलिसिस कराने आ रहे थे, लेकिन अस्पताल बंद होने से मरीजों में परेशान हो रहे थे ।
इसके बाद ठाणे महापौर नरेश म्हस्के ने श्रीकांत शिंदे, एनसीपी के समूह नेता नजीब मुल्ला, नगर स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ। अनिरुद्ध मलगांवकर, उपायुक्त संदीप मालवी,और मनीष जोशी के साथ एक बैठक कर डायलिसिस सुविधाएं ठाणे अस्पताल में उपलब्ध कराई ।कालसेकर अस्पताल से डायलिसिस रोगियों की सूची प्राप्त करने के बाद, रोगियों को अस्पताल से लाया गया और डायलिसिस के बाद घर वापस लाया गया। आज, कुल 29 रोगियों ने डायलिसिस प्राप्त किया है

नामदार श्री एकनाथजी शिंदे साहेब और ठाणे के महापौर श्री नरेशजी म्हस्के साहेब के मार्गदर्शन में कोपरि के प्रमुख गिरिश राजे साहेब सभागुर्ह नेता पांडुरंग पाटिल साहेब परिवहन सदस्य ठा.म.पा. प्रकाशजी कोटवानी स्थानीय नगरसेविका श्रीमती मालती रमाकांत पाटिल और नगरसेविका श्रीमती शर्मिला रोहित गायकवाड़ और सामाजसेवक श्री रोहित (सेठ) गायकवाड़। नौवापाड़ा कोपरी प्रभाग समिती के अध्यक्ष नगरसेविकाश्रीमती नम्रता हेमंत पम्नानी और समाजसेवक श्री हेमंतजी पम्नानी श्री रमाकांत (दादा) पाटिल और सामज सेवक उप विभाग प्रमुख राजा दादा गायकर शाखा प्रमुख श्री प्रशांत (दादा) पाटिल उपशाखा प्रमुख श्री जमीर सैयद उपशाखाप्रमुख श्री राजेंद्र सोनी उर्फ (दादू)उवा सेना योगेश भाई नवगिरे. दोपहर में 400 पैकेट और रात में 400 पैकेट खाना शिवसेना के माध्यम से शांति नगर कोपरि ठाणे ईस्ट के गरीब और असहाय परिवारों के लिए खाना बाटते हुए दिखाई दे रहे हैं।जिसमे सबसे बडा सयोग लोक नायक रमाकांत दादा पाटिल का रहे देखिए और पढ़िये पूरी खबर पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

कोरोना पर अफवाह फैलाने पर 6 पुलिस थानों में मामले दर्ज


मुंबई ठाणे (संवाददाता सतीश चौहान )10 अप्रैल ठाणे पुलिस आयुक्त क्षेत्र के विविध थानों में कोरोना को लेकर अफवाह फैलाने के मामले में छह पुलिस थाने में मामले पुलिस ने दर्ज किए है ।
ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार आगामी 14 अप्रैल तक घोषित संचार बंदी को लेकर की अफवाहें फैलाई जा रही है ,और असामाजिक तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे ।इसलिए ठाणे पुलिस को यह ठोस कदम उठाना पड़ा है ।
ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय के अनुसार ठाणे के कासार वडवली , शील डाय घर खड़कपाड़ा नौपाड़ा तथा भिवंडी के नारपोली पुलिस स्टेशन में यह मामले दर्ज किए गए हैं।
ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर ने लोगो को आगाह किया है , कि वे सुनी सुनाई बाते अथवा भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान ना दे ।इसी तरह से फेकबुक और वॉट्सएप पर भी इन मिथ्या समाचारों और अफवाहों को बढ़ावा ना दे| इसके साथ लोगों को सचेत किया गया है कि, कोई भी सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस के 100 नंबर पर सहायता के लिए फोन कर सकते है ।

जांभली का सब्जी बाज़ार ठाणे के चार भागों में विभाजित होगा

मुंबई ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 09 अप्रैल ठाणे शहर का सबसे बड़ा और प्राचीन सब्जी बाज़ार को कोरोना के संक्रमण से बचाव की दृष्टि से शहर के इस स्थान से हटाना भी जरूरी हो गया था ।ठाणे आयुक्त विजय सिंघल ने आज बताया कि इस पुराने सब्जी बाजार को अब अस्थाई रूप से शहर के चार प्रमुख भागो में स्थानांतरित किया जा रहा है |
महापालिका आयुक्त विजय सिंघल ने आज दोपहर ही मनपा के अतिरिक्त आयुक्त समीर उन्हाले ,उपायुक्त संदीप मालवी ,सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती तडवी ,ठाणे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सोमवंशी नौपाडा -कोपरी संभाग के समिति के सहायक आयुक्त मारुति गायकवाड़ के साथ इस बाजार का अवलोकन किया |
इसके पूर्व भी जब इस बाज़ार का निरीक्षण किया गया था ,तब छोटे दुकानदार कोरोना रोकने के लिए बेहद जरुरी सामाजिक अंतर का पालन नहीं कर रहे थे ।इसके बाद यह मुख्य बाजार बंद कर तालाब पालीऔर सुभाष पथ में स्थानांतरित किया गया था ।लेकिन परिणाम बेहतर नहीं मिले थे |
अब यह ठाणे शहर का विशाल सब्जी बाज़ार परसिक रेतीबंदर, पोखरण रोड नं .1, हायलँड मैदान तथा घोडबंदर रोड स्थित डी मार्ट के पीछे बोरीबेड़ मैदान में भेजा जा रहा है ।बताया जाता है कि, इस बदलाब के बाद शहर के आम लोगों को कई किलोमीटर दूर जाकर जरुरी सामान,सब्जी आदि खरीदना पड़ेगी | लेकिन इसके साथ मनपा प्रशासन ने इस बदलाव को अस्थाई बताया है |

कोविद मरीजों को मनपा अस्पताल में ही भेजे, आयुक्त

मुंबई ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 09 अप्रैल सरकार स्तर पर कई निवारक उपायों को लागू किया जा रहा है ताकि कोरोनरी रोगियों को कोरोनरी वायरस रोग से बचाव के लिए कोरोना 19 बीमारी के इलाज के लिए ठाणे महा नगरपालिका के ही अधिकृत अस्पताल में चिकित्सा के लिए भेजा जाए ।
मनपा आयुक्त विजय सिंघल आज यह इस आदेश दिया कि को निजी अस्पताल इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है बीमारी की रोकथाम कानून के साथ उस पर महाराष्ट्र नर्सिंग पंजीकरण अधिनियम 1897 के के प्रावधानों तहत कार्यवाही होगी ।
31 मार्च, 2020 से राज्य में रोग निवारण अधिनियम 1897 को लागू करने के लिए एक अधिनियम जारी किया गया है। इस अधिनियम की धारा 2 (1) के तहत, मनपा आयुक्त को एक सक्षम प्राधिकारी घोषित किया गया है।
गौर तलब है कि विदेशों में देखा गया है कि एक ही अस्पताल में कोविद और नान कोविद रोगियों के एक साथ अस्पताल में इलाज के लिए रखने के कारण ही साधारण इलाज के लिए आये नान कोविद मरीज भी कोरोना के शिकार हो गए थे | मनपा आयुक्त ने यह कहा कि कोरोना के मरीजों को सुरक्षित अस्पताल में रखना जरुरी हो गया था |
इस निर्णय के कारण, गैर-कोविद रोगियों को अब कोविद अधिकृत अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जाएगा और कोविद प्रसूतिविदों को नान कोविद अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सकता है। इसलिए, महा नगर पालिका की सीमा में नान कोविद निजी अस्पताल अपने अस्पतालों में कोरोनरी रोगियों को भर्ती करने में सक्षम नहीं होंगे।
2 अप्रैल को, दो अस्पतालों – जिनमें एक सिविल अस्पताल और दूसरा क्षितिज प्राइम (निजी अस्पताल) को ठाणे महा नगर पालिका द्वारा कोविद अस्पताल घोषित किया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह स्पष्ट किया गया है, कि कोविद के रोगियों में संचरण को रोकने के लिए संदिग्ध और निश्चित रूप से निदान किए गए कोविद रोगियों का एक ही स्थान पर इलाज नहीं किया जाना चाहिए।
निजी अस्पतालों में, गैर-कोविद रोगियों को संदिग्ध और निश्चित रूप से निदान किए गए संक्रमण से बचा जा सकता है।मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने कोविद मरीजों को इन दोनों अस्पतालों के अलावा किसी अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं करने का आदेश जारी किया है।
उन्होंने यह भी कड़ी चेतावनी दी कि अगर कोविद और नान कोविद दोनों रोगियों को इन अस्पतालों में रखा जाता है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ रोग निवारण अधिनियम 1897 और महाराष्ट्र नर्सिंग पंजीकरण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सांसद शिंदे प्रयास से कालसेकर अस्पताल में वैकल्पिक डायलिसिस सुविधा


मुंबई ,ठाणे ( संवाददाता सतीश चौहान ) 0 9 अप्रैल कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी ही एकमात्र विकल्प है | अब इसे हर जगह लागू किया जा रहा है, और सुरक्षा कारणों से कुछ अस्पतालों को बंद कर दिया गया है। विशेष रूप से रोगियों को हो रही असुविधा के कारण सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने आज यह बताया कि उन्हें जब जानकारी मिली और इसके बाद तब मैंने स्वयं तुरंत चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों को इन डायलिसिस रोगियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आदेश दिया।
मुंब्रा के कालसेकर अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीजों की डायलिसिस की जाती है। इस अस्पताल में उपचार प्राप्त करने वाले मरीज गरीब और जरूरतमंद हैं, और वे अन्य अस्पतालों में इलाज कराने के लिए आर्थिक रूप से आर्थिक रूप से कमजोर नहीं हैं। यह मामला प्रकाश में आने पर स्थानीय सांसद श्रीकांत शिंदे तुरंत महापौर नरेश म्हस्के के कार्यालय में गए ,इस मौके पर एनसीपी के समूह नेता नजीब मुल्ला, आयुक्त 1 मनीष जोशी, उपायुक्त संदीप मालवी, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। अनिरुद्ध मलगाँवकर, विशेष क्षेत्रीय अधिकारी डॉ कोविद को नियुक्त किया गया है। इस दौरान आर टी केंद्र भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को मुंब्रा के कालसेकरे अस्पताल में डायलिसिस उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आदेश दिया गया। अस्पताल में डायलिसिस,मरीज को सीधे घर से अस्पताल में ले जाया जाएगा | इसलिए, महापौर नरेश म्हस्के और एनसीपी के समूह नेता नजीब मुल्ला ने अपील की है कि, डायलिसिस के मरीज़ जो वर्तमान में कालसेकर अस्पताल में इलाज कर रहे हैं, उन्हें ठाणे मनपा द्वारा शुरू की गई पहल का लाभ उठाना चाहिए।
चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मालदगाँवकर ने बैठक में कहा कि इस संबंध में आवश्यक कदम उठाकर कलसेकर अस्पताल में उपचार प्राप्त करने वाले डायलिसिस रोगियों पर उचित ध्यान दिया जाएगा। सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे द्वारा लिए गए निर्णय से निश्चित रूप से रोगियों को आराम मिला है और उन्होंने सांसद को धन्यवाद दिया है। ठाणे मनपा वर्तमान स्थिति में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर मरीजों की देखवाल कर रही है |