ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए

ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए
मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में आज कोरोना के नए संक्रमित 151 मरीज पाए गए हैं।जबकि ठाणे में 1237 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ अपने घर गए हैं ।ठाणे में आज इस संक्रमण से 5 लोगों की मौत हो गई है ।इनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष हैं ।
ठाणे में कोरोना से अब तक 84 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं ।जिसमें 59 पुरुष तथा 25 महिलाएं हैं ।ठाणे मनपा परिसर में कुल संक्रमितों की संख्या अब 2,901पर पहुंच गई है ।
ठाणे में जहां एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमितों की तादात बड़ती ही जा रही है ।तो दूसरी तरफ 45 प्रतिशत स्वस्थ भी हो चुके हैं ।
ठाणे में अभी 1580 कोविद रोगियों पर उपचार किया जा रहा है ।जबकि आज ठाणे मनपा परिसर के 60 लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर गए हैं ।
शुक्रवार 29 मई तक ठाणे से करीब 20हजार रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। जबकि इनमें से 19 हजार 789लोगों के परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।ठाणे मनपा के विभिन्न अस्पतालों मै 2,242 बिस्तर उपलब्ध हैं ।जबकि शीघ्र ही ठाणे मनपा के मुंब्रा स्थित मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्टेडियम में म्हाडा के सहयोग से एक हजार बेड के अस्पताल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है ।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कौलापुर में मृत नीलगाय को वन विभाग के लोगों ने दफनाया।
भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में शनिवार की सुबह ही वन विभाग के रेंजर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में आई वन विभाग की टीम ने तालाब में कई दिन से मृत नीलगाय को तालाब के पास ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। जिससे आसपास रहने वाले लोगो को दुर्गंध से राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को नीलगाय किसी तरह तालाब में गिर गई और डूबने से मौत हो गई। और धीरे धीरे तालाब में दुर्गन्ध फैलने लगी। शुक्रवार को ग्राम प्रधान ने भी नीलगाय को तालाब से निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन नीलगाय न निकल सकी। फिर गांव के ही पत्रकार अंकित पाण्डेय ने डीएफओ अतुल सक्सेना को सूचित किया। डीएफओ ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय रेंजर बृजेश मिश्रा को नीलगाय को तालाब से निकलवाने की जिम्मेदारी दी। शनिवार को सुबह ही बीट प्रभारी बृजेश मिश्रा ने जयप्रकाश, राम आसरे सिंह के साथ कौलापुर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मृत नीलगाय को जेसीबी द्वारा तालाब से निकालकर पास में गड्ढा मे दफन करा दिया। नीलगाय को मिट्टी में दफन हो जाने के बाद आसपास के लोगों को दुर्गंध से राहत मिली। प्रभारी बृजेश मिश्रा के सहयोग और पत्रकार अंकित पाण्डेय की सक्रियता से तालाब से नीलगाय को निकाला जा सका। मालूम हो कि इस तालाब में लोग स्नान करते है, कपडा भी धोते है। और मृत नीलगाय तालाब में होने से लोगों को दुर्गंध के साथ साथ संक्रमण का भी डर था लेकिन वन विभाग की सक्रियता से इस समस्या से निजात मिल गई। देखने और पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

कौलापुर में मृत नीलगाय को वन विभाग के लोगों ने दफनाया।


भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में शनिवार की सुबह ही वन विभाग के रेंजर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में आई वन विभाग की टीम ने तालाब में कई दिन से मृत नीलगाय को तालाब के पास ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। जिससे आसपास रहने वाले लोगो को दुर्गंध से राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को नीलगाय किसी तरह तालाब में गिर गई और डूबने से मौत हो गई। और धीरे धीरे तालाब में दुर्गन्ध फैलने लगी। शुक्रवार को ग्राम प्रधान ने भी नीलगाय को तालाब से निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन नीलगाय न निकल सकी। फिर गांव के ही पत्रकार अंकित पाण्डेय ने डीएफओ अतुल सक्सेना को सूचित किया। डीएफओ ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय रेंजर बृजेश मिश्रा को नीलगाय को तालाब से निकलवाने की जिम्मेदारी दी। शनिवार को सुबह ही बीट प्रभारी बृजेश मिश्रा ने जयप्रकाश, राम आसरे सिंह के साथ कौलापुर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मृत नीलगाय को जेसीबी द्वारा तालाब से निकालकर पास में गड्ढा मे दफन करा दिया। नीलगाय को मिट्टी में दफन हो जाने के बाद आसपास के लोगों को दुर्गंध से राहत मिली। प्रभारी बृजेश मिश्रा के सहयोग और पत्रकार अंकित पाण्डेय की सक्रियता से तालाब से नीलगाय को निकाला जा सका। मालूम हो कि इस तालाब में लोग स्नान करते है, कपडा भी धोते है। और मृत नीलगाय तालाब में होने से लोगों को दुर्गंध के साथ साथ संक्रमण का भी डर था लेकिन वन विभाग की सक्रियता से इस समस्या से निजात मिल गई देखने व पड़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सती चौहान के साथ

कौलापुर में मृत नीलगाय को वन विभाग के लोगों ने दफनाया।


भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में शनिवार की सुबह ही वन विभाग के रेंजर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में आई वन विभाग की टीम ने तालाब में कई दिन से मृत नीलगाय को तालाब के पास ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। जिससे आसपास रहने वाले लोगो को दुर्गंध से राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को नीलगाय किसी तरह तालाब में गिर गई और डूबने से मौत हो गई। और धीरे धीरे तालाब में दुर्गन्ध फैलने लगी। शुक्रवार को ग्राम प्रधान ने भी नीलगाय को तालाब से निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन नीलगाय न निकल सकी। फिर गांव के ही पत्रकार अंकित पाण्डेय ने डीएफओ अतुल सक्सेना को सूचित किया। डीएफओ ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय रेंजर बृजेश मिश्रा को नीलगाय को तालाब से निकलवाने की जिम्मेदारी दी। शनिवार को सुबह ही बीट प्रभारी बृजेश मिश्रा ने जयप्रकाश, राम आसरे सिंह के साथ कौलापुर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मृत नीलगाय को जेसीबी द्वारा तालाब से निकालकर पास में गड्ढा मे दफन करा दिया। नीलगाय को मिट्टी में दफन हो जाने के बाद आसपास के लोगों को दुर्गंध से राहत मिली। प्रभारी बृजेश मिश्रा के सहयोग और पत्रकार अंकित पाण्डेय की सक्रियता से तालाब से नीलगाय को निकाला जा सका। मालूम हो कि इस तालाब में लोग स्नान करते है, कपडा भी धोते है। और मृत नीलगाय तालाब में होने से लोगों को दुर्गंध के साथ साथ संक्रमण का भी डर था लेकिन वन विभाग की सक्रियता से इस समस्या से निजात मिल गई देखने व पड़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सती चौहान के साथ

कौलापुर में मृत नीलगाय को वन विभाग के लोगों ने दफनाया।


भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में शनिवार की सुबह ही वन विभाग के रेंजर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में आई वन विभाग की टीम ने तालाब में कई दिन से मृत नीलगाय को तालाब के पास ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। जिससे आसपास रहने वाले लोगो को दुर्गंध से राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को नीलगाय किसी तरह तालाब में गिर गई और डूबने से मौत हो गई। और धीरे धीरे तालाब में दुर्गन्ध फैलने लगी। शुक्रवार को ग्राम प्रधान ने भी नीलगाय को तालाब से निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन नीलगाय न निकल सकी। फिर गांव के ही पत्रकार अंकित पाण्डेय ने डीएफओ अतुल सक्सेना को सूचित किया। डीएफओ ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय रेंजर बृजेश मिश्रा को नीलगाय को तालाब से निकलवाने की जिम्मेदारी दी। शनिवार को सुबह ही बीट प्रभारी बृजेश मिश्रा ने जयप्रकाश, राम आसरे सिंह के साथ कौलापुर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मृत नीलगाय को जेसीबी द्वारा तालाब से निकालकर पास में गड्ढा मे दफन करा दिया। नीलगाय को मिट्टी में दफन हो जाने के बाद आसपास के लोगों को दुर्गंध से राहत मिली। प्रभारी बृजेश मिश्रा के सहयोग और पत्रकार अंकित पाण्डेय की सक्रियता से तालाब से नीलगाय को निकाला जा सका। मालूम हो कि इस तालाब में लोग स्नान करते है, कपडा भी धोते है। और मृत नीलगाय तालाब में होने से लोगों को दुर्गंध के साथ साथ संक्रमण का भी डर था लेकिन वन विभाग की सक्रियता से इस समस्या से निजात मिल गई देखने व पड़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सती चौहान के साथ

ठाणे में आज कोरोना के 146 बाधित ,कुल 2,750 में 1,177 ठीक हुए


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान ,29 मई ठाणे में आज कोरोना के नए 146 मरीज मिले हैं ।ठाणे में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या अब 2750पर पहुंच गई है ।
एक अच्छी खबर यह भी है के ठाणे मनपा परिसर में उपचार के बाद 1,177 मरीज पूरी तरह से ठीक भी हो चुके हैं ।
ठाणे में इस संक्रमण से चार लोगों की मौत हुई है । इनमें 3 पुरुष तथा एक महिला का समावेश है ।अब तक ठाणे में कोरोना से 79 की मौत हुई है।इनमें 57 पुरुष तथा 22 महिलाएं हैं ।यदि स्वस्थ होने वाले मरीजों कि बात करे तो ,ठाणे मनपा परिसर में अब तक 45 प्रतिशत मरीज स्वस्थ भी ही चुके हैं ।ठाणे से 28 मई तक 19 हजार 84 मरीजों के रक्त के नमूने प्रयोग शाला में भेजे गए हैं

कोरोना से संघर्ष के लिए सब मिलकर एक साथ आएं, मनपा आयुक्त

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 29 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने आज की प्रतिकूल स्थिति में कोरोना कोविद 19 का सामना करने के लिए जन प्रतिनिधियों, नागरिकों, डॉक्टरों, पुलिस और प्रशासन से अपील कीहै कि पूर्णा से संघर्ष के लिए सब मिलकर एक साथ आएं । इस ठाणे मनपा के आयुक्त विजय सिंघल ने आज ठाकुर कॉलेज में शुरू किए जाने वाले संगरोध केंद्र का भी दौरा किया।

वे लोकमान्य नगर सावरकर नगर में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में हर कोई अच्छा कर रहा है। हालांकि, अब एक साथ लड़ने का समय आ गया है। जनप्रतिनिधि, स्थानीय पार्षद, पुलिस, प्रशासन, डॉक्टर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, गैर सरकारी संगठन इस लड़ाई में काम कर रहे हैं।

लेकिन अब हमारे लिए एक साथ लड़ने का समय है।मनपा आयुक्त सिंघल ने कहा कि इस लड़ाई में हम सभी के सहयोग की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने ठाकुर कॉलेज में स्थापित किए जाने वाले संगरोध केंद्र का निरीक्षण किया और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस मौके पर पार्षद दिलीप बारटेके, सर्कल उपायुक्त अशोक, बुरपुले सहायक आयुक्त हंड्रेड। नयन ससने आदि भी उपस्थित थे ।