जनता अगर साथ देने का वादा करे तो कोरोना की 15 दिनों में विदाई ,टीएमसी आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 01जून तुम अगर साथ देने का वादा करो ,एक प्रसिद्ध हिंदी फिल्म के गाने की तर्ज पर आज ठाणे मनपा के आयुक्त विजय सिंघल ने कोरोना वायरस को लेकर जनता को कुछ इस तरह से संबोधित किया कि यदि ठाणे की जनता सहयोग का वायदा करे तो कोराना आगामी 15 दिनों में विदा हो सकता है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा कोरोना के संबंध में शर्तों में ढील दी गई है। उनके अनुसार, भले ही इस तरह के आदेश नगर निगम द्वारा पारित किए जाएंगे, नागरिकों को केवल तभी बाहर जाना चाहिए जब उन्हें ज़रूरत हो ।
उन्होंने आज कहा कि मास्क का उपयोग करें, सुरक्षित दूरी रखने के नियमों का पालन करें और उन नियमों का पालन करें जिन्हें हमने एक नियम के रूप में निर्धारित किया है। ठाणे मनपा आयुक्त, विजय सिंघल का मानना है कि अगर ठाणे के नागरिक इन सभी दृष्टिकोणों से प्रशासन का समर्थन करते हैं, तो अगले दस से पंद्रह दिनों में कोरोना को पार करना संभव है।
ठाणे मनपा आयुक्त ने सोमवार को फेसबुक लाइव के जरिए ठाणेकर के साथ बातचीत की। इस बार, उन्होंने कहा, ठाणे में, विशेष रूप से स्लम क्षेत्रों में कोरोना रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन दूसरी ओर, ठीक होने और घर जाने वाले रोगियों की संख्या भी 45 प्रतिशत तक बढ़ रही है, उन्होंने कहा कि ठाणे में मृत्यु दर केंद्र और राज्य की तुलना में कम है, कोरोना के संबंध में नियमों को शिथिल करते हुए, सिंघल ने नागरिकों से सामाजिक दूरी का पालन करने और आवश्यक होने पर ही बाहर आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि 50 वर्ष से अधिक के नागरिकों और समुदाय में 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की आवश्यकता होती है, यह जांचने के लिए कि क्या काम पर जाने पर हर किसी को बुखार या ऑक्सीजन होता है, और चलने, खरीदारी या सुबह टहलने पर कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए। । उन्होंने यह भी कहा कि यह सब करते समय मास्क और सैनिटाइज़र का उपयोग करना अनिवार्य है।
शहर में एम्बुलेंस के बारे में नागरिकों की कोई और शिकायत नहीं है और वर्तमान में ठाणे शहर में लगभग 88 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं, अगले कुछ दिनों में 100 से अधिक एम्बुलेंस उपलब्ध होंगी। इस उद्देश्य के लिए एक अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
इसी तरह, शहर के कोरोना अस्पतालों में कितने बिस्तर बचे हैं, इसकी जानकारी अब एक बटन के क्लिक पर उपलब्ध है और इस उद्देश्य के लिए एक विशेष वेबसाइट बनाई गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों विशेषकर स्लम क्षेत्रों में 50 बुखार क्लीनिक शुरू किए गए हैं।
इसी तरह, सर्वेक्षण करने के लिए लगभग 1,हजार लोगों की एक टीम घर-घर जा रही है। अब टीम कनॉट जोन में भी काम करेगी। कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए ग्लोबल इम्पैक्ट हब में 1,हजार बेड के अस्पताल पर काम चल रहा है। म्हाडा के तहत 1,हजार बेड का अस्पताल भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में शहर में 8हजार बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ठाणे नगर निगम क्षेत्र में घर-घर जाकर आर्सेनिक एल्बम 30 टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। हालांकि ठाणे में नियमों में ढील दी जा रही है, लेकिन दुकानों को शुरू करने के लिए सावधानी बरती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन सड़क के बाईं ओर और एक दिन सड़क के दाईं ओर, दुकानों को खुला रखा जाएगा। इसके अलावा, झुग्गियों की निगरानी ड्रोन द्वारा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सबसे ठाणेकर नागरिक के रूप में, आपका समर्थन इसमें अमूल्य होगा और केवल यदि आप हमारा समर्थन करते हैं, तो हम अगले 10 से 15 दिनों में कोरोना को नियंत्रण में लाएंगे।
विशेष , अगले कुछ दिनों में बारिश शुरू होने वाली है। उस दृष्टिकोण से, नालों की सफाई उचित तरीके से शुरू हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ठाणे मनपा भी आपदा का सामना करने के लिए तैयार है।

टीएमसी की घर_ घर बुखार की जाँच मुहिम

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 31 मई ठाणे महा नगर पालिका जहां एक ओर कोरोना की श्रृंखला को तोड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है ।अब ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल के आदेश पर, विशेष टीमों और स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से प्रत्येक वार्ड समिति में बुखार परीक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
इस बीच, मनपा आयुक्त ने जांच में कोरोना के कोई भी लक्षण पाए जाने पर कुछ व्यक्तियों को ठाणे मनपा के संगरोध केंद्रों में तुरंत स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।

आज, नौपाड़ा-कोपारी वार्ड समिति के तहत, खरटन रोड में बीएसयूपी के एक से छह भवनों में डोर-टू-डोर बुखार परीक्षण किया गया है। इसके अलावा, विष्णुनगर, घंटालीदेवी मैदान में एक गर्मी जांच शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय नगरसेवक सुनेश जोशी, नगरसेवक संजय भोईर, सर्किट डिप्टी कमिश्नर संदीप मालवी, नौपाड़ा-कोपारी के समन्वय अधिकारी डिप्टी कमिश्नर विश्वनाथ केलकर और छह अन्य उपस्थित थे। आयुक्त प्रणाली घोंघे आदि उपस्थित थे।

मोबाइल वैन क्लिनिक के माध्यम से लोकमान्य नगर के वार्ड नंबर 6 में बुखार स्क्रीनिंग शिविर का भी आयोजन किया गया। स्थानीय नगरसेवक हनमंत जगदाले, सर्कल उपायुक्त अशोक बर्पल्ले, साहा। कमिश्नर नयन ससने और कलवा वार्ड समिति ने सूर्यनगर और वितवा गांव में बुखार परीक्षण शिविर भी आयोजित किए। उपायुक्त मनीष जोशी, सहायक आयुक्त सचिन बोरसे उपस्थित थे।

वर्तकनगर वार्ड समिति के तहत शिवनगर, म्हाडा कॉलोनी और धर्मवीरनगर में बुखार जांच स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए गए। इस समय, स्थानीय नगरसेवक श्रीमती पारस सरनायक, सौ जयश्री डेविड, श्रीमती स्नेहा अम्ब्रे, छह। आयुक्त डॉ। जब चारुशिला पंडित आदि मौजूद थे, उथले वार्ड समिति में, सिद्धेश्वर झील, गोकुल नगर, राबोडी, पंचगंगा, साईनाथनगर और पचपकड़ी में गर्मी शिविर आयोजित किए गए थे। इस बार सहायक आयुक्त आयुक्त शंकर पटोले उपस्थित थे।

माजीवाड़ा _मानपाड़ा वार्ड समिति के तहत, साईनाथ नगर, शिवाजी नगर, पाटलीपाड़ा, ढोकली गाँव में घर-घर तापमान जांच की गई और इन सभी स्थानों पर गर्मी जाँच शिविर भी लगाए गए। स्थानीय नगरसेवक संजय भोईर, सर्कल उपायुक्त अशोक बर्पल्ले, सहायक आयुक्त डॉ अनुराधा बाबर भी उपस्थित थीं।

अज्ञात महिला की हत्या का आरोपी 24 घंटे में राबोडी पुलिस की गिरफ्त में


मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 31 मई ठाणे पुलिस आयुक्त परिसर में 29मई को साकेत मार्ग पर एक अज्ञात महिला की पदाचरी रास्ते में शव मिलने के बाद राबोडी पुलिस ने मात्र 24घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझा कर आरोपी को गिरफ्तार किया है ।पुलिस ने इस अज्ञात महिला के आरोप में 24 वर्षीय शाहनवाज़ युनूस अंसारी को गिरफ्तार कर पांच दिन की पुलिस हिरासत में न्यायालय के आदेश से भेजा है ।
ठाणे पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार ,29 मई को जिस अज्ञात 35 से 40 वर्ष के मध्य मिली महिला के शव के बारे में पुलिस को ज्ञात हुआ था कि,शिवाजी नगर से रेशमा युनूस अंसारी एक दिन पूर्व ही रात से लापता हो गई थी ।
इसके बाद पुलिस ने सी सी टी वी का सहारा लिया ।पता चला कि उक्त महिला रात आठ बजे एक रिक्शे में बैठ कर आकाश गंगा से कहीं गई थी ।जब उस रिक्शा चालक का बारे में जानकारी मिली ,तब पता लगा कि वह मूल उत्तर प्रदेश का मूल निवासी शाहनवाज़ युनूस अंसारी है ।और यह महिला के पहले पति का बेटा है ।इसके बाद आरोपी शाहनवाज़ ने पूछ ताछ के बाद अपना अपराध स्वीकार कर लिया ।

ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए


मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में आज कोरोना के नए संक्रमित 151 मरीज पाए गए हैं।जबकि ठाणे में 1237 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ अपने घर गए हैं ।ठाणे में आज इस संक्रमण से 5 लोगों की मौत हो गई है ।इनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष हैं ।
ठाणे में कोरोना से अब तक 84 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं ।जिसमें 59 पुरुष तथा 25 महिलाएं हैं ।ठाणे मनपा परिसर में कुल संक्रमितों की संख्या अब 2,901पर पहुंच गई है ।
ठाणे में जहां एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमितों की तादात बड़ती ही जा रही है ।तो दूसरी तरफ 45 प्रतिशत स्वस्थ भी हो चुके हैं ।
ठाणे में अभी 1580 कोविद रोगियों पर उपचार किया जा रहा है ।जबकि आज ठाणे मनपा परिसर के 60 लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर गए हैं ।
शुक्रवार 29 मई तक ठाणे से करीब 20हजार रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। जबकि इनमें से 19 हजार 789लोगों के परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।ठाणे मनपा के विभिन्न अस्पतालों मै 2,242 बिस्तर उपलब्ध हैं ।जबकि शीघ्र ही ठाणे मनपा के मुंब्रा स्थित मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्टेडियम में म्हाडा के सहयोग से एक हजार बेड के अस्पताल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है ।

ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए


मुंबईठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में आज कोरोना के नए संक्रमित 151 मरीज पाए गए हैं।जबकि ठाणे में 1237 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ अपने घर गए हैं ।ठाणे में आज इस संक्रमण से 5 लोगों की मौत हो गई है ।इनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष हैं ।
ठाणे में कोरोना से अब तक 84 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं ।जिसमें 59 पुरुष तथा 25 महिलाएं हैं ।ठाणे मनपा परिसर में कुल संक्रमितों की संख्या अब 2,901पर पहुंच गई है ।
ठाणे में जहां एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमितों की तादात बड़ती ही जा रही है ।तो दूसरी तरफ 45 प्रतिशत स्वस्थ भी हो चुके हैं ।
ठाणे में अभी 1580 कोविद रोगियों पर उपचार किया जा रहा है ।जबकि आज ठाणे मनपा परिसर के 60 लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर गए हैं ।
शुक्रवार 29 मई तक ठाणे से करीब 20हजार रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। जबकि इनमें से 19 हजार 789लोगों के परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।ठाणे मनपा के विभिन्न अस्पतालों मै 2,242 बिस्तर उपलब्ध हैं ।जबकि शीघ्र ही ठाणे मनपा के मुंब्रा स्थित मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्टेडियम में म्हाडा के सहयोग से एक हजार बेड के अस्पताल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है ।

ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए

ठाणे में आज कोरोना के 151 संक्रमित कुल 1237 स्वस्थ हुए
मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में आज कोरोना के नए संक्रमित 151 मरीज पाए गए हैं।जबकि ठाणे में 1237 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ अपने घर गए हैं ।ठाणे में आज इस संक्रमण से 5 लोगों की मौत हो गई है ।इनमें 3 महिलाएं और 2 पुरुष हैं ।
ठाणे में कोरोना से अब तक 84 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं ।जिसमें 59 पुरुष तथा 25 महिलाएं हैं ।ठाणे मनपा परिसर में कुल संक्रमितों की संख्या अब 2,901पर पहुंच गई है ।
ठाणे में जहां एक ओर कोरोना वायरस से संक्रमितों की तादात बड़ती ही जा रही है ।तो दूसरी तरफ 45 प्रतिशत स्वस्थ भी हो चुके हैं ।
ठाणे में अभी 1580 कोविद रोगियों पर उपचार किया जा रहा है ।जबकि आज ठाणे मनपा परिसर के 60 लोग पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर गए हैं ।
शुक्रवार 29 मई तक ठाणे से करीब 20हजार रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। जबकि इनमें से 19 हजार 789लोगों के परीक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।ठाणे मनपा के विभिन्न अस्पतालों मै 2,242 बिस्तर उपलब्ध हैं ।जबकि शीघ्र ही ठाणे मनपा के मुंब्रा स्थित मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्टेडियम में म्हाडा के सहयोग से एक हजार बेड के अस्पताल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है ।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कोरोना संदिग्धों को भर्ती ना करने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई ,आयुक्त

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 मई ठाणे मनपा आयुक्त विजय सिंघल ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है जो ठाणे मनपा परिसर में गैर-प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में कोरोना संदिग्ध रोगियों का इलाज करने से मना करते हैं , तो उन अस्पतालों के निदेशकों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा ।

महाराष्ट्र सरकार ने निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि पर ठाणे मनपा आयुक्त ने हाल ही में संदिग्ध कॉमेडिक रोगसूचक रोगियों के एक निजी गैर-प्रतिष्ठित अस्पताल में प्रवेश के लिए एक आदेश जारी किया है।

उक्त आदेश के अनुसार, शहर के गैर-कोविद अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध कोविद रोगी को स्वीकार करना चाहिए ,यदि वह अच्छे स्वास्थ्य में है और उसे अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता है। एक बार जब रोगी का इलाज किया जाता है और उसकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उसके स्वाब को कोरोना कोविद परीक्षा के लिए एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।
यदि संबंधित रोगी की जांच रिपोर्ट नकारात्मक है, तो उसे उसी अस्पताल में इलाज किया जाना चाहिए जहां वह भर्ती है। हालांकि, अगर उनकी परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है, तो उन्हें आगे के उपचार के लिए कोविद अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।

यदि एक संदिग्ध कोविद रोगी किसी भी गैर-कोविद अस्पताल में इलाज के लिए आता है, तो उसे पहले ट्राइएज (गंभीर मरीजों के उपचार हेतू ) क्षेत्र में भर्ती कराया जाना चाहिए। यह बताते हुए कि पीपीई किट और अन्य सुरक्षित किट का उपयोग करके इसका इलाज किया जाना चाहिए, ।
ठाणे मनपा आयुक्त सिंघल ने चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है या अगर मरीज को दूसरे अस्पताल पहुंचने में देरी होती है, या मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी और अस्पताल निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

कौलापुर में मृत नीलगाय को वन विभाग के लोगों ने दफनाया।
भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में शनिवार की सुबह ही वन विभाग के रेंजर बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में आई वन विभाग की टीम ने तालाब में कई दिन से मृत नीलगाय को तालाब के पास ही जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया। जिससे आसपास रहने वाले लोगो को दुर्गंध से राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात को नीलगाय किसी तरह तालाब में गिर गई और डूबने से मौत हो गई। और धीरे धीरे तालाब में दुर्गन्ध फैलने लगी। शुक्रवार को ग्राम प्रधान ने भी नीलगाय को तालाब से निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन नीलगाय न निकल सकी। फिर गांव के ही पत्रकार अंकित पाण्डेय ने डीएफओ अतुल सक्सेना को सूचित किया। डीएफओ ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय रेंजर बृजेश मिश्रा को नीलगाय को तालाब से निकलवाने की जिम्मेदारी दी। शनिवार को सुबह ही बीट प्रभारी बृजेश मिश्रा ने जयप्रकाश, राम आसरे सिंह के साथ कौलापुर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मृत नीलगाय को जेसीबी द्वारा तालाब से निकालकर पास में गड्ढा मे दफन करा दिया। नीलगाय को मिट्टी में दफन हो जाने के बाद आसपास के लोगों को दुर्गंध से राहत मिली। प्रभारी बृजेश मिश्रा के सहयोग और पत्रकार अंकित पाण्डेय की सक्रियता से तालाब से नीलगाय को निकाला जा सका। मालूम हो कि इस तालाब में लोग स्नान करते है, कपडा भी धोते है। और मृत नीलगाय तालाब में होने से लोगों को दुर्गंध के साथ साथ संक्रमण का भी डर था लेकिन वन विभाग की सक्रियता से इस समस्या से निजात मिल गई। देखने और पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ