कोरोना ने अपना जीवन बदल दिया – उद्धव ठाकरे


मुंबईठाणे संवाददाता सतीश चौहान ,17 जून कोरोना के प्रकोप से हर किसी का जीवन बदल गया है। कोरोना ने सभी को कुछ न कुछ इस कठिन घड़ी में हमें सिखाया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज यह कहा कि कोरोना ने उन्हें यह भी सिखाया था कि प्रतिकूल परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए।
बुधवार को ठाकरे ने ठाणे में 1024 बिस्तरों वाले कोविद केयर सेंटर का उद्घाटन किया। इस बार वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बोल रहे थे। कोरोना से निपटने के लिए राज्य में एक कार्यबल का गठन किया गया है। कई लोगों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए मदद की। एक 85 वर्षीय महिला चिकित्सक ने सुबह सीएम के कोष के लिए एक चेक सौंपा, जिसे एमएमआरडीए आयुक्त आर.के. ए। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजीव की मां थीं। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में जिन दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, वे राज्य में कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। उन्होंने कहा कि जमीन पर अस्पताल अस्थायी हैं, लेकिन हमने पूरी कोशिश की है कि आईसीयू बेड, बिजली, पानी और शौचालय सहित सभी सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में चिकित्सा सहायता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, और भगवान कोरोना रोगियों के लिए डॉक्टर, नर्स और वार्डनबॉय के रूप में काम करते हैं। बीकेसी मैदान और ठाणे दोनों अस्पतालों को युद्ध स्तर पर बनाया गया है और मुझे इस पर गर्व है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र दुनिया के पीछे नहीं है, लेकिन कोरोना की समाधान योजनाओं में दुनिया से आगे है। यह एक बड़ी बात है क्योंकि पिछले दो महीनों में इलाज के लिए कुछ लाख बेड बनाए गए हैं। हम अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण कर रहे हैं, लेकिन किसी को भी उनका उपयोग नहीं करना चाहिए, उन्होंने कहा।
हमने कोरोना रोकने के लिए जनसंख्या स्तर पर ऑक्सीजन परीक्षण शुरू किया है। 55 वर्षीय व्यक्ति की विशेष रूप से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे कोविद रोगियों का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है और इससे मरीजों का इलाज करना भी आसान हो जाता है।
मुंबई में कोरोना रोगियों के लिए धारावी सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र था। लेकिन अब वहां की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि धारावी में कोरोना से संक्रमित रोगियों की संख्या में भी कमी आ रही है और यहां ठाणे में भी रोगियों के स्वस्थ होने की दर भी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि उनका राज्य इस कोरोना को पार कर जाएगा और वह नई आशा के साथ ऐसा ही रहेगा।
इस अवसर पर उनके साथ ठाणे के जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे, राज्य के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड, सांसद राजन विचारे, कल्याण सांसद श्रीकांत शिंदे, मेयर नरेश म्हस्के, डिप्टी मेयर पल्लवी कदम, आयुक्त विजय सिंघल और अन्य उपस्थित थे।

कोरोना ने अपना जीवन बदल दिया – उद्धव ठाकरे


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 17 जून कोरोना के प्रकोप से हर किसी का जीवन बदल गया है। कोरोना ने सभी को कुछ न कुछ इस कठिन घड़ी में हमें सिखाया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज यह कहा कि कोरोना ने उन्हें यह भी सिखाया था कि प्रतिकूल परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए।
बुधवार को ठाकरे ने ठाणे में 1024 बिस्तरों वाले कोविद केयर सेंटर का उद्घाटन किया। इस बार वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बोल रहे थे। कोरोना से निपटने के लिए राज्य में एक कार्यबल का गठन किया गया है। कई लोगों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए मदद की। एक 85 वर्षीय महिला चिकित्सक ने सुबह सीएम के कोष के लिए एक चेक सौंपा, जिसे एमएमआरडीए आयुक्त आर.के. ए। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजीव की मां थीं। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में जिन दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, वे राज्य में कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। उन्होंने कहा कि जमीन पर अस्पताल अस्थायी हैं, लेकिन हमने पूरी कोशिश की है कि आईसीयू बेड, बिजली, पानी और शौचालय सहित सभी सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में चिकित्सा सहायता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, और भगवान कोरोना रोगियों के लिए डॉक्टर, नर्स और वार्डनबॉय के रूप में काम करते हैं। बीकेसी मैदान और ठाणे दोनों अस्पतालों को युद्ध स्तर पर बनाया गया है और मुझे इस पर गर्व है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र दुनिया के पीछे नहीं है, लेकिन कोरोना की समाधान योजनाओं में दुनिया से आगे है। यह एक बड़ी बात है क्योंकि पिछले दो महीनों में इलाज के लिए कुछ लाख बेड बनाए गए हैं। हम अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण कर रहे हैं, लेकिन किसी को भी उनका उपयोग नहीं करना चाहिए, उन्होंने कहा।
हमने कोरोना रोकने के लिए जनसंख्या स्तर पर ऑक्सीजन परीक्षण शुरू किया है। 55 वर्षीय व्यक्ति की विशेष रूप से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे कोविद रोगियों का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है और इससे मरीजों का इलाज करना भी आसान हो जाता है।
मुंबई में कोरोना रोगियों के लिए धारावी सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र था। लेकिन अब वहां की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि धारावी में कोरोना से संक्रमित रोगियों की संख्या में भी कमी आ रही है और यहां ठाणे में भी रोगियों के स्वस्थ होने की दर भी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि उनका राज्य इस कोरोना को पार कर जाएगा और वह नई आशा के साथ ऐसा ही रहेगा।
इस अवसर पर उनके साथ ठाणे के जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे, राज्य के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड, सांसद राजन विचारे, कल्याण सांसद श्रीकांत शिंदे, मेयर नरेश म्हस्के, डिप्टी मेयर पल्लवी कदम, आयुक्त विजय सिंघल और अन्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ठाणे में कोरोना अस्पताल जनता को समर्पित किया


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 17जून कोरोना उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करते हुए, मुंबई के एक खुले क्षेत्र के क्षेत्रीय अस्पताल में गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) बेड स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज यहां कहा कि महाराष्ट्र ने देश के लिए एक ऐसी अभिनव सफलता की कहानी पेश की है।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एम एम आर डी ए) की ओर से, कोरोना अस्पताल के दूसरे चरण को बीकेसी मैदान में और ठाणे में 1हजार बेड के कोरोना अस्पताल का शुभ आरंभ कि गया ।इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, एम एम आर ए डी के महानगर आयुक्त आर.के. ए राजीव, मुंबई मनपा आयुक्त आय एस चहल आदि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि बीकेसी मैदान और ठाणे में दोनों अस्पतालों को युद्ध स्तर पर स्थापित किया गया है। मुझे इस पर गर्व है। महाराष्ट्र कोरोना उपायों में दुनिया में पीछे नहीं है बल्कि आगे है। यह एक बड़ी बात है कि पिछले दो महीनों में, मुंबई सहित राज्य में इलाज के लिए कुछ लाख बेड बनाए गए हैं।
24 दिनों में अस्पताल का निर्माण – शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे
ठाणे कोरोना अस्पताल के उद्घाटन पर बोलते हुए, संरक्षक मंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अस्पताल का निर्माण केवल 24 दिनों में किया गया है। अस्पताल में 1024 बेड का एक फर्श और – बालकुम्भ साकेत में अतिरिक्त 10 मंजिल हैं। आईसीयू बिस्तर, डायलिसिस, प्रयोगशाला, सीटी स्कैन, एक्स-रे आदि सभी सुविधाएं यहां प्रदान की जाती हैं। उन्होंने कहा कि एम एम आर डी एस सहित 19 डेवलपर्स ने याकमा में योगदान दिया है। कल्याण-डोंबिवली, बदलापुर, भिवंडी में अस्पतालों का निर्माण कार्य चल रहा है।
यह अस्पताल ठाणेकरों के लिए एक बड़ी सुविधा होगी। इनमें से 500 बेड केंद्रीय ऑक्सीजन से सुसज्जित हैं। इनमें से 76 बेड आईसीयू के लिए, 10 बेड डायलिसिस के मरीजों के लिए और 10 बेड ट्रॉमा के मरीजों के लिए हैं। क्या खास है कि यहां मरीजों का मुफ्त में इलाज किया जाएगा। यदि आवश्यक हो तो इस अस्पताल में एक अतिरिक्त 300 बेड का निर्माण किया जा सकता है।

ठाणे मनपा परिसर में आज कोरोना के नए 112मामले,4 की मौत


मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 17जून ठाणे में आज कोरोना के नए 112मामले सामने आए हैं ।जबकि आज इस संक्रमण से चार लोगों की मौत हुई है । मरने वालों में 3पुरुष तथा 1महिला हैं ।
ठाणे मनपा परिसर में अब तक कोरोना से 167मौतें हो चुकी हैं ।मृतकों में 109पुरुष तथा 58 महिलाएं हैं ।
ठाणे मनपा क्षेत्र में स्वस्थ होने वाले 49 प्रतिशत मरीज हैं ।दिलचस्प तथ्य यह है कि आज ठाणे मनपा परिसर में 112व्यक्ति संक्रमित हुए हैं और इतने ही 112मरीज आज स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं । ठाणे में स्वस्थ होने वाले व्यक्तियों कि कुल संख्या अब 2601ही गई है।
ठाणे मनपा नेअपनी स्वयं की कोविद 19के परीक्षण हेतू स्वयं की प्रयोग शाला भी शुरू की है। सोमवार 15जून तक इस प्रयोग शाला से 32हजार 409रक्त के नमूने भेजे गए थे।इनमें से 32हजार 195का सफल परीक्षण किया जा चुका है।

ठाणे मनपा परिसर में आज कोरोना के नए 112मामले,4 की मौत


मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 17जून ठाणे में आज कोरोना के नए 112मामले सामने आए हैं ।जबकि आज इस संक्रमण से चार लोगों की मौत हुई है । मरने वालों में 3पुरुष तथा 1महिला हैं ।
ठाणे मनपा परिसर में अब तक कोरोना से 167मौतें हो चुकी हैं ।मृतकों में 109पुरुष तथा 58 महिलाएं हैं ।
ठाणे मनपा क्षेत्र में स्वस्थ होने वाले 49 प्रतिशत मरीज हैं ।दिलचस्प तथ्य यह है कि आज ठाणे मनपा परिसर में 112व्यक्ति संक्रमित हुए हैं और इतने ही 112मरीज आज स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं । ठाणे में स्वस्थ होने वाले व्यक्तियों कि कुल संख्या अब 2601ही गई है।
ठाणे मनपा नेअपनी स्वयं की कोविद 19के परीक्षण हेतू स्वयं की प्रयोग शाला भी शुरू की है। सोमवार 15जून तक इस प्रयोग शाला से 32हजार 409रक्त के नमूने भेजे गए थे।इनमें से 32हजार 195का सफल परीक्षण किया जा चुका है।

टाटा स्मारक अस्पताल बना मरीजों का मसीहा


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान एक तरफ जहां कोविड-19 के कारण मुंबई सहित महाराष्ट्र के तमाम अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल दिख रहा है, वहीं टाटा स्मारक केंद्र कैंसर पीड़ितों के लिए वरदान साबित हुआ है। परेल स्थित टाटा स्मारक अस्पताल में प्रबंधन, डॉक्टर्स और नर्सों ने दिन-रात अथक परिश्रम कर कैंसर पीड़ितों की न केवल देखभाल की, बल्कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक ऑपरेशन भी किया, क्योंकि कैंसर पीड़ितों और डायबिटीज के पीड़ितों को कोविड-19 से अधिक खतरा रहता है , इसलिए भी अधिक सावधानी बरती गई।टाटा स्मारक अस्पताल और एक्टरेट दोनों संस्थानों ने सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियो थेरेपी, पोलिएटिव केयर तथा सभी नए नैदानिक जांच जारी रखा।
महामारी के दौरान जो मरीज महानगर के किसी भी क्षेत्र में फंस गए थे उनको गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था किया। इस दौरान धर्मार्थ संगठनों, स्वयंसेवी संस्थानों एवं डोनर्स के सहयोग से कैंसर पीड़ितों के आवास भोजन व परिवहन की व्यवस्था की गई।
महानगर के बाहर से आने वाले, सड़कों पर सोने वाले कैंसर मरीजों को घाटकोपर के सर्वोदय अस्पताल, उत्कर्ष शेल्टर होम खारघर, होटल जेट- इंटरनेशनल अंधेरी, आहूजा कम्युनिटी हाल बांद्रा में रहने की अवस्था की गई। प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी एवं अंतर्राष्ट्रीय मरीज सलाहकार एस एच जाफरी व्यक्तिगत रूप से उप महाप्रबंधक मध्य रेलवे से मिलकर कैंसर पीड़ितों को रेल मार्ग से उनके गांव भेजने की व्यवस्था कराए। टाटा स्मारक अस्पताल के निदेशक डॉ आर ए बड़वे, महाप्रबंधक रेलवे, थाना प्रभारी रघुवंशी बाईकुला तथा एस एस जाफरी के समन्वय से यह संभव हो सका । टाटा अस्पताल के कई कर्मचारी कोरोना वायरस पाज़िटिव भी हो गए थे,मगर वे कोरोना को मात देकर पुन: अपने कर्तव्य पथ पर चल पड़े और मरीजों की देखभाल किए। इस कोरोना वायरस की महामारी के दौरान भी टाटा स्मारक अस्पताल कैंसर पीड़ितों के लिए समर्पित भाव से काम करता रहा जिसकी भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है ।

भाजपा कार्यकर्ताओ ने ग्रामीणों को मास्क और सेनीटाइज का किया वितरण।


भदोही। गोपीगंज मंडल के अंतर्गत छतमी सेक्टर के कौलापुर गांव में सेक्टर संयोजक और बूथ अध्यक्ष ने ग्रामीणों को मास्क और सैनिटाइजर का वितरण किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के पत्र का भी वितरण हुआ और सेक्टर प्रमुख शंभूनाथ मिश्रा ने लोगों को सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से बताया। कहा कि भाजपा की केंद्र की और उत्तर प्रदेश की सरकार ने जो कार्य कर दिया है वह पिछले 60 वर्ष में किसी सरकार ने नहीं किया। साथ ही अंकित पांडेय ने लोगों को कोरोना महामारी से जुड़ी सावधानियां और जागरूकता के बारे में बताया और लोगों को जागरूक किया और बताया कि इस कोरोना काल में लोग शासन प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देश का पालन करें। जिससे इस महामारी के संक्रमण के प्रभाव को रोका जा सके और सरकार की मंशा पूरी हो सके और लोगों ने सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं की सराहना की। इस मौके पर विजय शंकर पांडेय, जयशंकर, हीरालाल पांडेय, विनोद पाण्डेय, प्रदीप पांडेय, रत्नेश पांडेय, राकेश पांडेय समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।देखने व पढ़ने के लिऐ बने रही पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

उल्हासनगर में, सांसद की पहल पर 300 बिस्तरों वाला अस्पताल समर्पित

मुंबई, कल्याण संवाददाता सतीश चौहान 16 जूनकल्याण से शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे की पहल पर उल्हासनगर में कोविद रोगियों के इलाज के लिए सत्य साईं प्लेटिनम अस्पताल में 300 बिस्तर उपलब्ध कराया गया हैं। यह अस्पताल समर्पित कोविद अस्पताल है। यह स्वास्थ्य सुविधा एक साथ 300 कोविद रोगियों का इलाज करने में सक्षम होगी।
उल्लेखनीय है कि अस्पताल की स्थापना सिर्फ दस दिनों में की गई है। यह वर्तमान में पहले चरण में 200 बिस्तरों से सुसज्जित है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त 100 बिस्तर तैयार किए जा सकते हैं।

200 बेड वाले मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध है। साथ ही वेंटिलेटर सुविधा के साथ 30 बिस्तर दिए गए हैं। इसके अलावा, शूल और डायलिसिस वाले रोगियों को डायलिसिस के लिए अन्य अस्पतालों में नहीं भेजा जाता है। इस अस्पताल में डायलिसिस कोविद रोगियों का भी इलाज किया जा सकता है। यह सुविधा छह डायलिसिस रोगियों के लिए इस जगह पर उपलब्ध है। उनके लिए छह बिस्तर आरक्षित हैं। ऑपरेशन थियेटर की सुविधा यहाँ स्थित है। अस्पताल में मेडिकल स्टाफ भी है। साइट पर 12 डॉक्टरों, 40 नर्सों और 120 अन्य लोगों का कर्मचारी स्टाफ मरीजों की सेवा करेगा।

कोविद अस्पताल ठाणे, नवी मुंबई, अंबरनाथ, कल्याण में स्थापित किए जा रहे हैं। मेडिकल स्टाफ की कमी से बचने के लिए नर्सों को दोगुना वेतन दिया जा रहा है। इसलिए, सांसद शिंदे ने दावा किया है कि कर्मचारियों की कमी नहीं होगी। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उल्हास नगर मनपा आयुक्त समीर , उन्हाले शिवसेना सदन के नेता राजेंद्र चौधरी, नगरसेवक धनंजय बोरड़े और निगम पार्षद अरुण आशान उपस्थित थे।

क्या ठाणे में पालक मंत्री बदला जाएगा,पूर्व शिक्षा मंत्री आशीष शेलार

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 16 जून ठाणे में कोरोना के मरीज रुकने में नाकाम रहे हैं। कैबिनेट में ठाणे में 2 हैवीवेट मंत्री हैं, लेकिन रोगी सेवा सख्त है और अभिभावक मंत्री इस कार्य में विफल रहे हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्र में, रोगियों की संख्या अधिक है और मृत्यु दर अधिक है। दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर यह है कि केंद्रीय टीम और राज्य के मुख्य सचिव को ठाणे आना पड़ा।राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री आशीष शेलार आज ठाणे में एक पत्रकार सम्मलेन को सम्बोधित कर रहे थे
उन्होंने आगे कहा कि ठाणे मनपा आयुक्त सहित दो आईएएस अधिकारियों को एक मंत्री के ओएसडी लगाए जाने पर भी कोरोना को नियंत्रित नहीं किया जा सका। शिवसेना ठाणे महानगर पालिका में इतने सालों से सत्ता में है। एक अच्छा अस्पताल नहीं बनाया गया है। ठाणे में एक दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर है कि एक एम्बुलेंस को किराए पर लिया जाना था, एम्बुलेंस को नहीं। तो जिस तरह से मुंबई में कोरोना को रोकने में विफलता के बाद नगर आयुक्त बदल गए, कमिश्नर ठाणे में नए हैं, तो क्या ठाणे में अभिभावक मंत्री अब बदलेंगे? यह मुख्यमंत्री से हमारा सीधा सवाल है।

झुग्गी पुनर्विकास योजनाओं में, आवास मंत्री ने घोषणा की कि 5,000 वर्ग फुट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री ठाणे से हैं और उन्होंने मुंबई, ठाणे, पुणे और राज्य के अन्य शहरों के लिए एकीकृत विकास नियंत्रण नियम (यूडीसीआर) जारी किए हैं।
जो बनाया गया है उसमें प्रस्तावित अंतिम बदलाव यह है कि नागरिकों की सुविधा के लिए पिछले नियमों के अनुसार 15% सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह 15% के बजाय नए प्रस्तावित युडी सी आर में 5% किया गया है। इसका मतलब है कि शहरी विकास मंत्री सुविधा केंद्र की सुविधाओं का 10% उपभोग करने के लिए काम कर रहे हैं। दूसरी ओर, आवास मंत्री का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जगह के विस्तार का मतलब है कि ठाणे के दो मंत्री कोरोना महामारी में डेवलपर्स को “साझा” कर रहे हैं। इसलिए उनसे गलती नहीं होनी चाहिए। हम स्वास्थ्य केंद्र देने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नागरिकों के स्थान बेकार हो रहे हैं।

महाराष्ट्र विकास अघडी सरकार नागरिकों की सुविधा के लिए खाली भूमि को कम करने का पाप कर रही है। ऐसे खुले स्थान थे इसलिए हम आज कुछ स्थानों पर कोरोना रोगियों के लिए संगरोध केंद्र स्थापित करने में सक्षम थे। लेकिन सरकार नए यूडीसीआर में इन रिक्तियों को निगलने का पाप कर रही है।

हमने राज्य सरकार से स्कूल फीस में वृद्धि नहीं करने की मांग की, लेकिन इस बार स्कूलों को दस प्रतिशत तक कम किया।

एक राजनीतिक दल का युवा संगठन सरकार को अवैध फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहा है। उसका झटका छात्रों पर पड़ रहा है। अंतिम वर्ष की डिग्री परीक्षाओं में भाजपा की भूमिका स्पष्ट है। हमने मुख्यमंत्री को एक बयान दिया है और 12 सवालों के जवाब दिए हैं, फिर हम निर्णय के बारे में बात करेंगे। लेकिन सरकार ने उन सवालों का जवाब नहीं दिया और मुख्यमंत्री ने यात्रा के लिए समय नहीं दिया। इसलिए हम राज्यपाल से मिले। एटीकेटी के साथ 3 लाख 41 हजार 308 छात्रों को अयोग्य ठहराने की साजिश रची जा रही है। एक पीढ़ी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
दुर्भाग्य से एक पार्टी के युवा संगठन ने एक शक्ति केंद्र शुरू किया है। उन्होंने अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को रद्द करने और संबंधित स्कूलों के शुरू होने की तारीखों की भी घोषणा की। एक पार्टी के युवा संगठन का गठन करने वाला यह शक्ति केंद्र राज्य के लिए खतरनाक है। यह आउट ऑफ पावर सेंटर केवल युवाओं के बीच हमारे नेतृत्व को बनाने के लिए शुरू किया जा रहा है।

हमने सरकार को दिए निर्देश, दिए बयान लोगों का सवाल यह है कि हमें देशद्रोही माना जाता है, हमें राजनीति न करने की सलाह दी जाती है, लेकिन शिवसेना पार्टी का मुखपत्र हर दिन केंद्र सरकार की आलोचना करता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी और इसमें भाजपा ठाणे शहर के अध्यक्ष और विधायक निरंजन डावखरे, विधायक संजय केलकर, नगर निगम समूह के नेता संजय वाघुले और अन्य लोग शामिल थे।

ठाणे में आज कोरोना के नए 164 मामले ,5 की मौत


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 16 जून ठाणे शहर में आज कोरोना के नए 164 मामले सामने आये हैं | जबकि आज कोरोना वायरस से पांच लोग मौत का शिकार हुए हैं | ठाणे शहर में अब तक 163 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं | इनमें 106 पुरुष और 57 महिलाये शामिल हैं |
ठाणे में अब तक 5 हजार 303 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं | दूसरी तरफ ठाणे में आज 2489 लोग स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं | इसके बाद स्वस्थ होने वाले अब 47 प्रतिशत लोग ठाणे में हैं | जबकि ठाणे में 2567 लोगों पर ठाणे महानगर पालिका प्रशासन की देख रेख में उपचार किया जा रहा है |