भूमिधरी जमीन में जबरदस्ती खडंजा लगाये जाने से पीडित परेशान, नही हो रही सुनवाई।


भदोही। किसी भी गांव में लोग ग्राम प्रधान इस लिए चुनते है कि वह गांव का समुचित विकास करेगा। लेकिन अपने विकास कार्य के दौरान ऐसा कार्य नही करेगा जिससे किसी को परेशानी हो। लेकिन भदोही जिले में एक ऐसा ही मामला दिखा है जो जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी पीडित व्यक्ति की बात नही सुनी जा रही है। और पीडित व्यक्ति अधिकारियों के यहां पत्र भेज भेजकर परेशान है।
मामला औराई थाना के चकौढा दीक्षितपुर का है जहां के निवासी राकेश तिवारी ने अपने गांव के ग्राम प्रधान पर उनकी भूमिधरी जमीन पर जबरदस्ती खडंजा लगाने का आरोप लगाया है। राकेश तिवारी ने बताया कि इस खडंजा को हटाने के लिए मैने सभी अधिकारियों को पत्र लिखा। लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी ने औराई एसडीएम को आदेश दिया था कि जांच कर रिपोर्ट दे लेकिन एसडीएम ने आकर सरेआम राकेश की पत्नी को बेइज्जत किया। कोई कार्यवाही नही की। ग्राम प्रधान से खडंजा हटाने के लिए कहने पर प्रधान ने कहा कि आप भी अपना निर्माण कर लीजिए। और जब राकेश निर्माण कार्य करने लगे तो ग्राम प्रधान ने पुलिस को भेजकर गिरफ्तार कराकर जेल भेजवा दिया। राकेश ने आरोप लगाया कि औराई थाना में तैनात एसआई रामनारायण शुक्ल ने चार फीट तक बनाई गई दीवाल को गिरवा दिया। राकेश ने प्रशासन और प्रधान द्वारा परेशान करने की बात कही। राकेश ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान विरोध वश मुझे किसी भी सरकारी योजना का लाभ नही दिया और जो लाभ था भी उसे रंजिस वश बंद करा दिया। इसकी वजह यह रही कि मै वर्तमान ग्राम प्रधान की जगह अन्य प्रत्याशी के समर्थन मे था। राकेश ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी भूमिधरी जमीन से ग्राम प्रधान द्वारा लगवाया गया खडंजा हटाकर भूमि खाली कर दे जिससे मै उसपर अपना निर्माण कार्य करा सकू। साथ में राकेश को बताया गया कि इस खडंजा के लिए तुमलोगों ने शपथ पत्र दिया है कि खडंजा बनाया जाये। राकेश ने इस बाबत जिला प्रशासन और ग्राम प्रधान को चुनौती दिया कि यदि खडंजा को लेकर मेरे द्वारा दिया गया शपथ पत्र दिखा दिया जाये तो मै खडंजा को हटाने की बात मान लूंगा। कहा कि मैने कभी भी कोई शपथपत्र नही दिया है।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

ठाणे में आज कोरोना के 208 मामले, स्वस्थ होने की दर 91 प्रतिशत


मुंबई ,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 30 अगस्त ठाणे शहर में आज कोरोना के नए 208 मामले सामने आये हैं | इनके बाद ठाणे मनपा क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 25 हजार 721 तक पहुँच गई है | यद्दापि जहाँ ठाणे में कोरोना के संक्रमितों की संख्या में बेहताशा वृद्धि हो रही है ,लेकिन कोरोना मुक्त होने वाले बाधित भी कम नहीं है | मनपा का दावा है कि, ठाणे मनपा परिसर में स्वस्थ होने की दर 91 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है |
ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में आज 150 लोग कोरोना से मुक्त हो गए हैं | अब तक यहां 23 हजार 175 बाधित कोरोना से निजात पा चुके हैं |
ठाणे शहर में कोरोना के कारण आज 08 लोगों को अपनी जान गवांना पड़ी है | अब तक इस वायरस से 834 लोगों की मौत हुई है |
ठाणे शहर आज कोरोना के जो 208 बाधित मिले हैं ,उनमें माजीवाड़ा में 49 ,वर्तक नगर में 20 ,लोकमान्य 17 ,नौपाडा -कोपरी 40 ,उथलसर 27 ,वागले इस्टेट 12 ,कलवा में 24 ,मुम्ब्रा में 7 और दिवा में 12 संक्रमित पाए गए हैं |
ठाणे शहर में इस समय कोरोना के 1712 सक्रिय मामले हैं |

शिक्षक शिक्षकों ने ज्ञान रत्न खो दिया पूर्व विधायक मोटे के निधन पर बीजेपी की श्रद्धांजलि

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान पूर्व विधायक रामनाथ मोटे के असामयिक निधन से, जिन्हें राज्य में शिक्षकों की समस्याओं के बारे में पता था, आज शिक्षकों ने अपनी आजीविका खो दी है, इस भावना को एक शोक सभा में व्यक्त किया गया था। साथ ही,पूर्व विधायक रामनाथ मोट सरन की याद में हर साल 23 अगस्त से 5 सितंबर तक स्मारक पखवाड़े का निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
कोंकण विभाग के पूर्व विधायक रामनाथ मोटे का हाल ही में निधन हो गया। भाजपा विधायक निरंजन डावखरे ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए जूम में शोक सभा का आयोजन किया था।
बैठक में पूर्व शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े, विधायक नागो गानार, विधायक प्रशांत ठाकुर, विधायक निरंजन डावखरे, कवि अशोक बागवे, विजय जाधव, इरफान शाह, सिस्टर रूफिनो टस्कानो उपस्थित थे। गणमान्य व्यक्तियों के साथ, शिक्षकों ने भी बैठक में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
बैठक 500 लोगों तक सीमित थी।कुछ मिनटों के भीतर, कोंकण सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की गई। बैठक में श्रीमती सरिता की बेटी श्रीमती रानीताई उर्फ दीपाली माहे भी उपस्थित थीं। लेकिन वह अपनी भावनाओं के कारण बैठक में नहीं बोल सकी।
दिवंगत रामनाथ मोटे सर एक व्यक्तित्व थे जिन्होंने शिक्षकों के सवालों पर लगातार ध्यान दिया। उन्होंने शिक्षकों के बारे में हर प्रश्न का गहन अध्ययन किया। विनोद तावड़े ने अपनी भावनाओं को इस तरह व्यक्त किया कि चाहे वह विधान परिषद हो या मंत्रियों का कार्यालय, उनके अध्ययनशील व्यक्तित्व का एहसास हो रहा था।
विधायक नागो गणर ने कहा कि रामनाथ मोते ने शिक्षकों के आंदोलन में एक ईमानदार नेता खो दिया है। उनकी कार्यशैली शिक्षकों के लिए जीने, शिक्षकों के लिए मरने जैसी थी। शोक सभा में रामनाथ मोटे सारण की यादें जैसे सादगी, ईमानदारी, शिक्षकों के आंदोलन के प्रति निष्ठा का भी उल्लेख किया गया।
इसके अलावा, मोटे सरन की याद में, हर साल 23 अगस्त से 5 सितंबर तक स्मारक पखवाड़े का निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
विधायिका में मोटे सरन के भाषण शिक्षाप्रद थे।
असाधारण ईमानदारी के साथ, उन्होंने कई शिक्षकों की शिकायतों को विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत किया और हजारों शिक्षकों को न्याय दिलाया। ठाणे बीजेपी अध्यक्ष निरंजन डावखरे ने कहा कि उनकी यादें बनी रहेंगी। सुधीर घाघस द्वारा होस्ट किया गया। ज्ञानेश्वर गोसावी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

टीएमसी कोरोना अस्पताल में काउंसलर नियुक्त करने राजी ,बीजेपी को मिला आश्वासन

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान कोरोना के प्रभाव के कारण रोगियों की बिगड़ती मानसिक स्थिति की पृष्ठभूमि के खिलाफ, ठाणे महानगरपालिका की ओर से ठाणे के अस्पतालों में काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे, आयुक्त डॉ विपिन शर्मा द्वारा दिया गया।
ठाणे बीजेपी द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार भाजपा की ओर से कोरोना द्वारा बनाई गई स्थिति के बारे में नागरिकों को राहत देने के संबंध में, टीएमसी आयुक्त डॉ विपिन शर्मा ने शुक्रवार को दिए एक बयान जारी किया गया।
इस अवसर पर भाजपा नेता किरीट सोमैया, विधायक निरंजन डावखरे, नगरसेवक नारायण पवार और मनोहर डम्बरे उपस्थित थे।
कोरोना संक्रमण के बाद मरीजों की मानसिक स्थिति बिगड़ने के कुछ उदाहरण थे।
कोरोना के संदर्भ में मरीजों की देखभाल की जाती है। हालांकि, उन्हें अस्पताल में मनोरोग उपचार नहीं मिलता है। विधायक डावखरे ने बताया कि अस्पताल में वातावरण रोगियों के दिमाग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
उसके बाद ठाणे महानगर पालिका की ओर से अस्पतालों में काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। पीपीई किट पहनकर परामर्शदाता द्वारा प्रत्येक रोगी को आश्वासन दिया जाएगा। टीएमसी आयुक्त शर्मा ने इसकी पुष्टि की है ।
किरीट सोमैया के अनुसार, भाजपा ने मांग की है कि कोरोना की एक और लहर की संभावना के खिलाफ नगर निगम को सतर्क रहना चाहिए। टीएमसी आयुक्त ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में ठाणे नगर निगम द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

टीएमसी आयुक्त के आदेश के बाद खतरनाक इमारतों का निरीक्षण


मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान ठाणे मनपा के आयुक्त विपिन शर्मा के निर्देश के बाद आज मनपा के अधिकारियों द्वारा शहर में खतरनाक इमारतों का निरीक्षण किया।
विपिन शर्मा द्वारा कल दिए गए आदेश के बाद, सभी सहायक आयुक्तों ने आज सुबह 8 बजे से अपने वार्ड में खतरनाक इमारतों और अन्य चीजों का निरीक्षण किया। इस बीच, ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, मनपा आयुक्त डॉ शर्मा आज सुबह 8 बजे से शहर में स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ,और वार्ड समिति प्रणाली को सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं।
विपिन शर्मा ने अपने संबंधित वार्ड समितियों के अंतर्गत सभी अधिकारियों को खतरनाक इमारतों का निरीक्षण, पेड़ों का गिरना, पेड़ों का गिरना, चैंबर के कवर को तोड़ना आदि के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। तदनुसार, सभी सहायक आयुक्तों ने आज सुबह 8 बजे अपने वार्डों का निरीक्षण किया। । निरीक्षण दौरे के दौरान, सभी सहायक आयुक्तों ने उच्च जोखिम, खतरनाक इमारतों का निरीक्षण किया।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अन्य इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं। उन्होंने लगातार बारिश के कारण पेड़ों के गिरने, नाले की दीवारों के गिरने, पहाड़ी इलाकों में मकानों को नुकसान और भूस्खलन का भी निरीक्षण किया।

टीएमसी आयुक्त के आदेश के बाद खतरनाक इमारतों का निरीक्षण


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान ठाणे मनपा के आयुक्त विपिन शर्मा के निर्देश के बाद आज मनपा के अधिकारियों द्वारा शहर में खतरनाक इमारतों का निरीक्षण किया।
विपिन शर्मा द्वारा कल दिए गए आदेश के बाद, सभी सहायक आयुक्तों ने आज सुबह 8 बजे से अपने वार्ड में खतरनाक इमारतों और अन्य चीजों का निरीक्षण किया। इस बीच, ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, मनपा आयुक्त डॉ शर्मा आज सुबह 8 बजे से शहर में स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ,और वार्ड समिति प्रणाली को सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं।
विपिन शर्मा ने अपने संबंधित वार्ड समितियों के अंतर्गत सभी अधिकारियों को खतरनाक इमारतों का निरीक्षण, पेड़ों का गिरना, पेड़ों का गिरना, चैंबर के कवर को तोड़ना आदि के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। तदनुसार, सभी सहायक आयुक्तों ने आज सुबह 8 बजे अपने वार्डों का निरीक्षण किया। । निरीक्षण दौरे के दौरान, सभी सहायक आयुक्तों ने उच्च जोखिम, खतरनाक इमारतों का निरीक्षण किया।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अन्य इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं। उन्होंने लगातार बारिश के कारण पेड़ों के गिरने, नाले की दीवारों के गिरने, पहाड़ी इलाकों में मकानों को नुकसान और भूस्खलन का भी निरीक्षण किया।

जेईई एन इ टी परीक्षा के विरोध में ठाणे एनसीपी का आंदोलन


मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान एक ओर जहां कोरोना महामारी के कारण, जबकि केंद्र सरकार ऑनलाइन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना काम कर रही है, देशभर में जे ई ई एन ई टी की परीक्षा देकर लगभग 25 लाख छात्रों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। ठाणे एनसीपी शहर अध्यक्ष आनंद परांजपे के मार्गदर्शन में जितेंद्र आव्हाड के आदेश के अनुसार, एनसीपी छात्र कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया गया था।
कोरोना में मौजूदा विकट स्थिति में जेईई-एनईईटी परीक्षा आयोजित करने के लिए केंद्र में भाजपा सरकार के फैसले ने देश भर के माता-पिता और छात्रों के लिए एक बड़ी सुरक्षा समस्या पैदा कर दी है। केंद्र सरकार की इस नीति के विरोध में, मोदी सरकार के खिलाफ एनसीपी छात्र कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल कांबले और कलवा डिवीजन के अध्यक्ष आकाश पाटिल के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया गया था।
इस समय मौजूद प्रफुल्ल कांबले ने अपेक्षा व्यक्त की है कि ,देश के ग्यारह राज्यों को यह परीक्षा नहीं देनी चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को जेईई-एनईईटी परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने छात्रों को कोरोना में धकेलने की कोशिश शुरू कर दी है। यह छात्रों द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने कुलपति के परामर्श से अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार को भी ऐसा करना चाहिए।

ठाणे के 28 मंदिरों में भाजपा का घंटी बजाओ आंदोलन

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान राज्य में मंदिरों, गुरुद्वारों और जैन मंदिरों को खोलने की मांग कको लेकर भाजपा की ओर से ठाणे शहर में आज घंटी बजाओ आंदोलन किया गया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में 28 मंदिरों के बाहर, ठाणे में मुख्य मंदिर, कौपीश्वर मंदिर परिसर के साथ, आध्यात्मिक मोर्चे के साथ, भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘दरवाजा खोलो, दरवाजा खोलो’ का नारा लगाया।
भाजपा ठाणे जिला अध्यक्ष और विधायक निरंजन डावखरे और विधायक संजय केलकर ने ठाणे में आंदोलन का नेतृत्व किया। इस मौके पर कौपीनेश्वर मंदिर के बाहर हुए आंदोलन में पार्षद संदीप लेले, सुनेश जोशी, नम्रता कोली और अन्य भी उपस्थित थे।
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी मंदिरों को खोले बिना भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महाराष्ट्र में संतों की भूमि, सरकार द्वारा निर्धारित नियमों में मंदिरों को शुरू करने की मांग की जा रही है। विधायक निरंजन डावखरे ने सोते हुए का नाटक करने के लिए ठाकरे सरकार की आलोचना की।
ठाणे मनपा समूह के नेता संजय वाघुले के नेतृत्व में गावदेवी माता मंदिर के सामने घंटी बजाई गई। इस अवसर पर प्रशांत कलांबेट, अमित पेडणेकर, विनय राउत और अन्य सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हीरानंदानी एस्टेट में श्री सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर, पार्षद कमल चौधरी और सुरेश पाटिल सहित नगरसेवक मनोहर डम्बरे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घंटी बजाई।
वरिष्ठ नगरसेवक अशोक राउल, नारायण पवार, भाऊ दामले, संतोष सलूखे, किशोर गुंजन, रूपेश करंडे, भरत पदवाल, महेश वीरकर और अन्य लोगों ने चंदनवाड़ी के सिद्धिविनायक मंदिर और राम मंदिर के बाहर आंदोलन में भाग लिया।
लोकपुरम मंदिर के बाहर, नगरसेवक मुकेश मोकाशी, स्नेहा अंबरे, रमेश अंबरे और संतोष जायसवाल ने आंदोलन किया।
ठाणे शहर में 28 स्थानों पर आंदोलन हुए। भाजपा की नौपाड़ा मंडल समिति 5, मध्य मंडल और कला मंडल 4 प्रत्येक, घोड़बंदर रोड और दिवा 3 प्रत्येक, लोकमान्य नगर, वर्तकनगर और रायलादेवी 2, मुंब्रा, कोपरी और वागले एस्टेट एक-एक घंटे बजाए गए।

ठाणे के 28 मंदिरों में भाजपा का घंटी बजाओ आंदोलन

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान राज्य में मंदिरों, गुरुद्वारों और जैन मंदिरों को खोलने की मांग कको लेकर भाजपा की ओर से ठाणे शहर में आज घंटी बजाओ आंदोलन किया गया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में 28 मंदिरों के बाहर, ठाणे में मुख्य मंदिर, कौपीश्वर मंदिर परिसर के साथ, आध्यात्मिक मोर्चे के साथ, भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘दरवाजा खोलो, दरवाजा खोलो’ का नारा लगाया।
भाजपा ठाणे जिला अध्यक्ष और विधायक निरंजन डावखरे और विधायक संजय केलकर ने ठाणे में आंदोलन का नेतृत्व किया। इस मौके पर कौपीनेश्वर मंदिर के बाहर हुए आंदोलन में पार्षद संदीप लेले, सुनेश जोशी, नम्रता कोली और अन्य भी उपस्थित थे।
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी मंदिरों को खोले बिना भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महाराष्ट्र में संतों की भूमि, सरकार द्वारा निर्धारित नियमों में मंदिरों को शुरू करने की मांग की जा रही है। विधायक निरंजन डावखरे ने सोते हुए का नाटक करने के लिए ठाकरे सरकार की आलोचना की।
ठाणे मनपा समूह के नेता संजय वाघुले के नेतृत्व में गावदेवी माता मंदिर के सामने घंटी बजाई गई। इस अवसर पर प्रशांत कलांबेट, अमित पेडणेकर, विनय राउत और अन्य सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हीरानंदानी एस्टेट में श्री सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर, पार्षद कमल चौधरी और सुरेश पाटिल सहित नगरसेवक मनोहर डम्बरे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घंटी बजाई।
वरिष्ठ नगरसेवक अशोक राउल, नारायण पवार, भाऊ दामले, संतोष सलूखे, किशोर गुंजन, रूपेश करंडे, भरत पदवाल, महेश वीरकर और अन्य लोगों ने चंदनवाड़ी के सिद्धिविनायक मंदिर और राम मंदिर के बाहर आंदोलन में भाग लिया।
लोकपुरम मंदिर के बाहर, नगरसेवक मुकेश मोकाशी, स्नेहा अंबरे, रमेश अंबरे और संतोष जायसवाल ने आंदोलन किया।
ठाणे शहर में 28 स्थानों पर आंदोलन हुए। भाजपा की नौपाड़ा मंडल समिति 5, मध्य मंडल और कला मंडल 4 प्रत्येक, घोड़बंदर रोड और दिवा 3 प्रत्येक, लोकमान्य नगर, वर्तकनगर और रायलादेवी 2, मुंब्रा, कोपरी और वागले एस्टेट एक-एक घंटे बजाए गए।

भवानीपुर के समाजसेवी संदीप शुक्ला के पशु प्रेम के सब है दीवाने।


औराई,भदोही। समाज में आदमी दूसरे के काम आने में कई बहाना करके निकलना चाहता है और फिर झूठा प्रेम दिखाता है। जिससे यह साबित हो जाये कि सच में वह परेशान था। लेकिन इसी समाज में ऐसे भी लोग है जिनका कार्य पूर्णतः निंस्वार्थ है और समाज ऐसे समाज के रत्नों के कार्यो की खूब प्रशंसा करती है। ऐसे ही एक युवा समाजसेवी संदीप शुक्ला है जो औराई क्षेत्र के भवानीपुर के निवासी है। जिनको औराई में स्थित एक बैंक के पास बंदरों को चना गुड केला या फल खिलाये बिना आनन्द ही नही आता है। जब बंदरों को चना फल इत्यादि खिला देते है तो संदीप को बडी ही खुशी होती है। संदीप ने बताया कि मनुष्य तो बोलकर अपना दर्द बयान कर सकता है लेकिन बेजुबान जानवर तो केवल अपने दर्द को छिपा कर जीते है। तो एक मनुष्य होने के नाते मानवता वश जो भी हो पाता है भूखे बंदरों को दे पाता हूं। संदीप ने सभी से आह्वान किया कि आप यदि बेजुबानों को कुछ खिला पिला नही सकते तो कम से कम उनको मारने पीटने से तो बचना चाहिए। संदीप को आते देखकर बंदर दौडकर आ जाते है माधो ऐसा लगता है कि बंदरों का कोई खास मित्र आ गया है। और सभी बंदर खुश होकर संदीप द्वारा लाये गये सामग्री को बडे ही प्रेम से खाते है।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ