उपरौठ में ग्राम प्रधान के कार्यो की शिकायत करना पडा भारी।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और इसी को लेकर मारपीट और खून खराबा का तक मामला पहुंच गया। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। और बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता के परिजनों के साथ मारपीट भी हो गई। उपरौठ गांव के उस मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके।जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके। लेकिन इसी बीच द्वेष वश ग्राम प्रधान के तरफ से बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता सहित परिवार के सदस्यों को मारपीट कर घायल कर दिया। और शिकायत कर्ता दर दर की ठोकर खा रहा है। शिवनाथ ने बताया कि अब वह परिवार सहित मुख्यमंत्री के दरबार में शिकायत करेगा। और न्याय की गुहार लगायेगा।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

मीनापुर गौआश्रय स्थल में तडप तडप कर मर रही है गायें, जिम्मेदार मौन।


भदोही। गायों और गौवंशों के रहने और खाने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में गौ आश्रय स्थल स्थापित किया है। जहां पर गायों के लिए रहने और खाने की समुचित व्यवस्था का प्रावधान है। लेकिन गौ आश्रय स्थल भी लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ गये है और जिम्मेदारों को इससे कोई लेना देना नही है केवल मिलीभगत करके कागजी खानापूर्ति करते हुए सरकार को फर्जी आंकडा भेजना आदत सी बन गई है।
एक ऐसा ही मामला ऊंज थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में स्थित गौआश्रय स्थल में दिखा जहां पर गायें अपनी हालत पर आंसू बहा रही है और तडप तडप कर मरने पर विवश है। मीनापुर गौआश्रय स्थल का आलम यह है कि गायों के पीने के लिए गड्ढों के संक्रमित पानी को पिलाया जाता है। चोटिल या कमजोर गायों को देखने वाला कोई नही है। केवल गायों को भूषा डाल दिया गया है। पानी के लिए तडपती है गायें। गायों को प्यास से चिल्लाते देख कभी कभी स्थानीय लोग भी पानी इत्यादि दे देते है। जिन गायों को चोट लगी है उन्हें कौएं आकर बडे ही चाव से खोदते है। और विवश गायें केवल अपने पूंछ से उडाने का प्रयास करती है। गौ आश्रय स्थल के बारे में स्थानीय लोगो ने बताया कि ग्राम प्रधान से इस अव्यवस्था की शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही न हुई। ग्रामीणों ने तो बताया कि ग्राम प्रधान बाहर से आने वाली गायों को आश्रय स्थल में रखने के लिए पशु पालक से रूपये लेकर आश्रय स्थल में रखता है। और दूसरी बात बताया कि जब कोई गाय मर जाती है तो ग्राम प्रधान उस गाय के कान में लगा टैप दूसरी गाय के कान में लगा देता है। हालांकि कई लोगों ने इस आश्रय स्थल में गायों की स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। गौआश्रय स्थल के एकदम पास रहने वाले ने बताया कि कभी कभी तो गायों के मर जाने पर कई दिन तक नही हटाया जाता और दुर्गन्ध से काफी परेशानी होती है। लेकिन ग्राम प्रधान अपने हिसाब से ही मरी हुई गायों को यहां से हटाते है।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान

सभी धर्मों के एकजुटता से देश आगे बढ सकता है कुँवर प्रमोद चंद मौर्य


ज्ञानपुर भदोही समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं पूर्व सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग कुँवर प्रमोद चंद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस के 74 वी वर्षगांठ पर झंडारोहण किया कार्यक्रम विहसपुर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू पारसनाथ मौर्य स्मारक स्थल पर आयोजित किया गया था जिसमे मुख्य अतिथि श्री मौर्य ने आजादी के दिवानों को याद करते हुए कहा देश को आजाद कराने के लिए संपूर्ण भारत के सभी धर्म के नागरिकों ने योगदान दिया था उनमे से हजारों लाखों देश भक्त देश को आजाद कराने मे शहिद हो गये है ऐसे महान शहीद जवानों सेनानियों को नमः करता हू साथ ही उन्होंने कहा की आज हम सभी को एकजुट होकर बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों, मजहबों,को लेकर ही चलना होगा तभी देश तरक्की कर सकता है
*कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे कुँवर प्रमोद चंद मौर्य अमीन चंद *मौर्य,आरपी यादव जालिम गौतम,शोभनाथ गौतम,दीपक गौतम,आरवी यादव, प्रदीप* मौर्य,सुभाष चन्द्र हलवाई,कलक्टर यादव,प्रविन पाल आदि प्रमुख रहे देखने व पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

संरक्षक मंत्री शिंदेने किया रोगी प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त जिला कलेक्ट्रेट ठाणे ने जिले के सभी कोविद 19 रोगियों के लिए केंद्रीय रोगी प्रबंधन प्रणाली लागू की है। प्रणाली का उद्घाटन संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी एजेंसियों को ठाणे जिले में मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

जिले के सभी कोविद 19 रोगियों के लिए एक केंद्रीय रोगी प्रबंधन प्रणाली होगी। यह सुविधा टोल फ्री नंबर 1800 120 5282 पर उपलब्ध है। यदि एक नगरपालिका में बेड उपलब्ध नहीं हैं, तो जिला स्तर से दूसरे नगरपालिका अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने की सुविधा है, जिससे नागरिकों को असुविधा से बचा जा सकेगा।

मरीजों को टोल फ्री नंबर पर कॉल कर बेड उपलब्ध कराया गया है। रोगी को बिस्तर की उपलब्धता के बारे में एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसलिए, यह बिस्तर की कमी के कारण इलाज नहीं होने की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करेगा।

नियंत्रण कक्ष जिला स्तर के साथ-साथ प्रत्येक नगरपालिका और नगरपालिका स्तर पर 24 घंटे काम करेगा। जिले के सभी ,सीसीसी डीसीएचसी और डीसीएच में बेड की उपलब्धता एक अद्यतन क्लिक में उपलब्ध होगी। कलेक्ट्रेट में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे का स्टाफ है। शिंदे ने नागरिकों से किसी भी असुविधा से बचने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की अपील की।

शहर में सार्वजनिक बाजार में भीड़ न करें ठाणे मनपा आयुक्त के आदेश

मुंबई ,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त ठाणे मनपा के आयुक्त विपिन शर्मा ने आज निर्देश जारी किया है कि जैसा कि ठाणे में सभी दुकानें आज से शुरू कर दी गई हैं,| इसलिए अब बाजार में भीड़ नहीं होनी चाहिए और मास्क का उपयोग किया जाना चाहिए।

शहर को लॉक के तहत पी 1, पी 2 के तहत सभी प्रतिष्ठानों को जारी रखने की अनुमति दी गई थी। इस संबंध में, राज्य के शहरी विकास मंत्री और ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री नं। एकनाथ शिंदे द्वारा लिए गए निर्णय के बाद, शहर के सभी प्रतिष्ठान आज से शुरू कर दिए गए हैं।

इस पृष्ठभूमि के चलते , ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने शहर के सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सार्वजनिक घोषणा करने का निर्देश दिया था, न कि बाजार परिसर में भीड़ लगाने के लिए, मास्क का उपयोग करने के लिए। उस पृष्ठभूमि के खिलाफ, नगर आयुक्त डॉ। विपिन शर्मा ने सभी वार्ड समितियों के तहत सार्वजनिक घोषणा शुरू करने का आदेश दिया है।

तदनुसार, आज से, महा नगरपालिका क्षेत्र में सभी वार्ड समितियों के तहत सार्वजनिक घोषणा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एक सार्वजनिक घोषणा सुबह में दो सत्रों में और दोपहर में शाम तक की जाएगी।

कोरोना को जल्द ही पार कर लेंगे – अभिभावक मंत्री शिंदे ने किया ठाणे में ध्वजारोहण

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त हम सभी कोरोना के इस संकट में एक साथ काम कर रहे हैं। भविष्य में, अगर हर कोई सामाजिक सुरक्षा दूरी के चार सिद्धांतों, मास्क का उपयोग और लगातार हाथ धोने, दैनिक जीवन में सैनिटाइजर का उपयोग करता है, तो हम कोरोना पर काबू पा सकते हैं, ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा। किया। भारतीय स्वतंत्रता की 73 वीं वर्षगांठ आज ठाणे जिला कलेक्टर के परिसर में मनाई गई। ध्वजारोहण शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया।

इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रवींद्र फटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर जिले के लोगों को संबोधित करते हुए, संरक्षक मंत्री शिंदे ने कहा कि हम अपने सभी संसाधनों के साथ, अपनी पूरी ताकत से लड़ रहे हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इसमें सफल हो रहे हैं …।

नए रोगी संख्याओं का ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है। इसी समय, स्वस्थ होने की दर बढ़ रही है, रोगियों की संख्या दोगुनी हो रही है, और हम मृत्यु दर को कम करने में सफल हो रहे हैं।

जिला प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों, नगरपालिका प्रशासन की मदद से बड़ी संख्या में सुविधाओं के निर्माण पर जोर दिया गया है। ठाणे नगर निगम क्षेत्र में ग्लोबल अस्पताल, नवी मुंबई के वाशी में सिडको प्रदर्शनी केंद्र के बाद, 1200 बेड का अस्पताल सिडको के माध्यम से स्थापित किया गया था। बेड, जहां 500 बेड की क्षमता वाले अस्पताल स्थापित किए गए थे।

कोरोना की जांच के लिए बड़ी संख्या में निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही, सभी नगरपालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अपनी प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जिले में स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती के लिए लगभग रु। श्री शिंदे ने यह भी कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से जिले को 86 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

जन प्रतिनिधि ने कोरोना काल के दौरान वित्तीय धन दिया

सभी जनप्रतिनिधियों ने कोरोना के लिए जिला प्रशासन को विधायक और सांसद निधि से लगभग 7.5 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इन सभी निधियों के माध्यम से, जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

1 करोड़ 96 लाख जरूरतमंदों के भोजन के पैकेट का वितरण

करने के लिए हजारों हाथ आगे आए। लॉकडाउन के दौरान, लगभग 1 करोड़ 94 लाख 60 हजार फूड पार्सल वितरित किए गए थे। शिवधनुष्य जिला और पुलिस प्रशासन ने अपने गांवों में विदेशी श्रमिकों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बहुत योजनाबद्ध तरीके से काम किया। ठाणे जिले से लगभग 80 ट्रेनों को विभिन्न राज्यों के लिए रवाना किया गया था। जिले से लगभग 5,700 बसों द्वारा श्रमिकों को उनके गाँव में छोड़ने की व्यवस्था की गई थी। श्री शिंदे ने यह भी कहा कि कर्फ्यू के पहले दिन से, प्रशासन का हर तत्व बिना किसी समय की कमी के जिले के लोगों की सुविधा के लिए लगातार काम कर रहा था।

हमें एक समाज और एक देश के रूप में सभी कोरोना वारियर्स के प्रति आभारी होना चाहिए, उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती दिनों में, कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया गया था। इस दौरान हुए सभी त्योहारों और समारोहों में, सभी जाति और धर्मों के मेरे भाइयों ने त्योहारों और उत्सवों को बहुत सरलता से मनाकर सरकार का साथ दिया। आने वाले समय में गणेशोत्सव, नवरात्रोत्सव और अन्य त्योहार हैं। इन सभी त्योहारों को सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए। यह लड़ाई आपके धैर्य और दृढ़ता के बारे में है। “सावधान रहें, हम जिम्मेदारी लेते हैं ।

मिशन स्टार्ट अगेन के कारण प्रतिबंधों में ढील के बावजूद, संकट टला नहीं है। उन्होंने लोगों से इन सभी कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

ध्वज फहराने के बाद, अभिभावक मंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वतंत्रता सेनानियों, कोरोना योद्धाओं, छात्रों और नागरिकों से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कोरोना को जल्द ही पार कर लेंगे – अभिभावक मंत्री शिंदे ने किया ठाणे में ध्वजारोहण

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त हम सभी कोरोना के इस संकट में एक साथ काम कर रहे हैं। भविष्य में, अगर हर कोई सामाजिक सुरक्षा दूरी के चार सिद्धांतों, मास्क का उपयोग और लगातार हाथ धोने, दैनिक जीवन में सैनिटाइजर का उपयोग करता है, तो हम कोरोना पर काबू पा सकते हैं, ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा। किया। भारतीय स्वतंत्रता की 73 वीं वर्षगांठ आज ठाणे जिला कलेक्टर के परिसर में मनाई गई। ध्वजारोहण शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया।

इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रवींद्र फटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर जिले के लोगों को संबोधित करते हुए, संरक्षक मंत्री शिंदे ने कहा कि हम अपने सभी संसाधनों के साथ, अपनी पूरी ताकत से लड़ रहे हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इसमें सफल हो रहे हैं …।

नए रोगी संख्याओं का ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है। इसी समय, स्वस्थ होने की दर बढ़ रही है, रोगियों की संख्या दोगुनी हो रही है, और हम मृत्यु दर को कम करने में सफल हो रहे हैं।

जिला प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों, नगरपालिका प्रशासन की मदद से बड़ी संख्या में सुविधाओं के निर्माण पर जोर दिया गया है। ठाणे नगर निगम क्षेत्र में ग्लोबल अस्पताल, नवी मुंबई के वाशी में सिडको प्रदर्शनी केंद्र के बाद, 1200 बेड का अस्पताल सिडको के माध्यम से स्थापित किया गया था। बेड, जहां 500 बेड की क्षमता वाले अस्पताल स्थापित किए गए थे।

कोरोना की जांच के लिए बड़ी संख्या में निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही, सभी नगरपालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अपनी प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जिले में स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती के लिए लगभग रु। श्री शिंदे ने यह भी कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से जिले को 86 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

जन प्रतिनिधि ने कोरोना काल के दौरान वित्तीय धन दिया

सभी जनप्रतिनिधियों ने कोरोना के लिए जिला प्रशासन को विधायक और सांसद निधि से लगभग 7.5 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इन सभी निधियों के माध्यम से, जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

1 करोड़ 96 लाख जरूरतमंदों के भोजन के पैकेट का वितरण

करने के लिए हजारों हाथ आगे आए। लॉकडाउन के दौरान, लगभग 1 करोड़ 94 लाख 60 हजार फूड पार्सल वितरित किए गए थे। शिवधनुष्य जिला और पुलिस प्रशासन ने अपने गांवों में विदेशी श्रमिकों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बहुत योजनाबद्ध तरीके से काम किया। ठाणे जिले से लगभग 80 ट्रेनों को विभिन्न राज्यों के लिए रवाना किया गया था। जिले से लगभग 5,700 बसों द्वारा श्रमिकों को उनके गाँव में छोड़ने की व्यवस्था की गई थी। श्री शिंदे ने यह भी कहा कि कर्फ्यू के पहले दिन से, प्रशासन का हर तत्व बिना किसी समय की कमी के जिले के लोगों की सुविधा के लिए लगातार काम कर रहा था।

हमें एक समाज और एक देश के रूप में सभी कोरोना वारियर्स के प्रति आभारी होना चाहिए, उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती दिनों में, कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया गया था। इस दौरान हुए सभी त्योहारों और समारोहों में, सभी जाति और धर्मों के मेरे भाइयों ने त्योहारों और उत्सवों को बहुत सरलता से मनाकर सरकार का साथ दिया। आने वाले समय में गणेशोत्सव, नवरात्रोत्सव और अन्य त्योहार हैं। इन सभी त्योहारों को सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए। यह लड़ाई आपके धैर्य और दृढ़ता के बारे में है। “सावधान रहें, हम जिम्मेदारी लेते हैं ।

मिशन स्टार्ट अगेन के कारण प्रतिबंधों में ढील के बावजूद, संकट टला नहीं है। उन्होंने लोगों से इन सभी कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

ध्वज फहराने के बाद, अभिभावक मंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वतंत्रता सेनानियों, कोरोना योद्धाओं, छात्रों और नागरिकों से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।