ठाणे में आज कोरोना के नए 193 मामले ,स्वस्थ होने की दर 90 %


मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान,17 अगस्त ठाणे महा नगर पालिका क्षेत्र में आज कोरोना के नए 193 नए मामले सामने आये हैं इसके उपरांत अब ठाणे शहर में कोरोना के कुल संक्रमितों की सांख्य 23 हजार 488 हो गई है |
ठाणे में आज कोरोना संक्रमण से 6 लोगों की मौ हुई है | इसके बाद अब ठाणे शहर में कोरोना से मरने वालो की संख्या 751 हो गई है |
ठाणे शहर में आज कोरोना बीमारी से 101 लोग ठीक हुए हैं | ठाणे में अब तक ठाणे में 20 हजार 904 कोरोना के बाधित स्वस्थ हुए हैं |
ठाणे मनपा क्षेत्र में वर्त्तमान में 1883 ही कोरोना के सक्रिय मामले हैं | इनका उपचार किया जा रहा है |

टीएमसी के 3 प्रतिबंधित क्षेत्र में चलित (मोबाइल) विसर्जन प्रणाली

मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भगवान गणेश के विसर्जन के लिए बाहर जाने की अनुमति नहीं है। ठाणे मनपा आयुक्त विपिन शर्मा द्वारा मोबाइल या चलित सतर्कता प्रणाली लागू कराने का निर्णय लिया गया है ।
यह अभिनव अवधारणा लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्र छोड़ने के कारण संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में मदद करेगी। ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री इसका उद्घाटन पालक मंत्री एकनाथ शिंदे के तत्वावधान में किया जाएगा और अध्यक्षता महापौर नरेश गणपत म्हस्के द्वारा की जाएगी।

ठाणे महानगर पालिका विसर्जन के दौरान भीड़भाड़ को रोकने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है ,और इसके लिए कृत्रिम झील के साथ-साथ स्वीकृति केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। इसी तरह, गणेश विसर्जन के लिए ऑनलाइन टाइम स्लॉट बुकिंग योजना भी डिजी ठाणे प्रणाली के माध्यम से लागू की जा रही है।

हालांकि, घर में प्रतिबंधित क्षेत्र में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राज्य सरकार के दिशानिर्देशों की पृष्ठभूमि में, मनपा आयुक्त विपिन शर्मा की अवधारणा के आधार पर एक मोबाइल सतर्कता प्रणाली बनाने का निर्णय लिया गया है।

अवधारणा एक ट्रैक्टर या जीप के पीछे एक सिंटैक्स टैंक के माध्यम से एक कृत्रिम विसर्जन प्रणाली बनाने के लिए है। इस स्थान पर फैलाव के लिए नगर निगम द्वारा स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी। निर्माल्य के लिए भी अलग व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, भक्तों को घर पर विसर्जन के लिए आरती करनी होगी।

मनपा के तीन निर्वाचन क्षेत्रों में तीन वाहनों द्वारा मोबाइल विसर्जन प्रणाली स्थापित की जाएगी।

इनारगांव ने विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थिति में की आत्महत्या।


भदोही। कोईरौना थाना क्षेत्र इनारगांव में रविवार को एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या कर ली।
जानकारी के मुताबिक इनारगांव निवासी अभिषेक पाण्डेय की पत्नी पूनम देवी (22) में रविवार की सुबह में संदिग्ध परिस्थिति में आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक पूनम ने सिंदूर पीकर अपनी इस लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद परिजन हास्पिटल ले गये जहां चिकित्सक ने पूनम को मृत घोषित कर दिया। पूनम के पति के मुताबिक पैसे को लेकर विवाद हुआ था और मुम्बई जाने के लिए तैयार हुआ तो उसने मना कर दिया। रविवार को घटना के समय मै सडक पर था जानकारी होने पर मै आनन फानन घर पहुंचा। घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची। विदित हो कि पूनम का मायका मिर्जापुर के गौरा है और उसकी शादी चार वर्ष पूर्व इनारगांव में हुई थी। पूनम को एक बेटी दो वर्ष की बेटी भी है। घटना को लेकर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे है। मामले की सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पायेगा।देखने व पड़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

उपरौठ में ग्राम प्रधान के कार्यो की शिकायत करना पडा भारी।


भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और इसी को लेकर मारपीट और खून खराबा का तक मामला पहुंच गया। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। और बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता के परिजनों के साथ मारपीट भी हो गई। उपरौठ गांव के उस मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके।जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके। लेकिन इसी बीच द्वेष वश ग्राम प्रधान के तरफ से बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता सहित परिवार के सदस्यों को मारपीट कर घायल कर दिया। और शिकायत कर्ता दर दर की ठोकर खा रहा है। शिवनाथ ने बताया कि अब वह परिवार सहित मुख्यमंत्री के दरबार में शिकायत करेगा। और न्याय की गुहार लगायेगा।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

मीनापुर गौआश्रय स्थल में तडप तडप कर मर रही है गायें, जिम्मेदार मौन।


भदोही। गायों और गौवंशों के रहने और खाने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में गौ आश्रय स्थल स्थापित किया है। जहां पर गायों के लिए रहने और खाने की समुचित व्यवस्था का प्रावधान है। लेकिन गौ आश्रय स्थल भी लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ गये है और जिम्मेदारों को इससे कोई लेना देना नही है केवल मिलीभगत करके कागजी खानापूर्ति करते हुए सरकार को फर्जी आंकडा भेजना आदत सी बन गई है।
एक ऐसा ही मामला ऊंज थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में स्थित गौआश्रय स्थल में दिखा जहां पर गायें अपनी हालत पर आंसू बहा रही है और तडप तडप कर मरने पर विवश है। मीनापुर गौआश्रय स्थल का आलम यह है कि गायों के पीने के लिए गड्ढों के संक्रमित पानी को पिलाया जाता है। चोटिल या कमजोर गायों को देखने वाला कोई नही है। केवल गायों को भूषा डाल दिया गया है। पानी के लिए तडपती है गायें। गायों को प्यास से चिल्लाते देख कभी कभी स्थानीय लोग भी पानी इत्यादि दे देते है। जिन गायों को चोट लगी है उन्हें कौएं आकर बडे ही चाव से खोदते है। और विवश गायें केवल अपने पूंछ से उडाने का प्रयास करती है। गौ आश्रय स्थल के बारे में स्थानीय लोगो ने बताया कि ग्राम प्रधान से इस अव्यवस्था की शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही न हुई। ग्रामीणों ने तो बताया कि ग्राम प्रधान बाहर से आने वाली गायों को आश्रय स्थल में रखने के लिए पशु पालक से रूपये लेकर आश्रय स्थल में रखता है। और दूसरी बात बताया कि जब कोई गाय मर जाती है तो ग्राम प्रधान उस गाय के कान में लगा टैप दूसरी गाय के कान में लगा देता है। हालांकि कई लोगों ने इस आश्रय स्थल में गायों की स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। गौआश्रय स्थल के एकदम पास रहने वाले ने बताया कि कभी कभी तो गायों के मर जाने पर कई दिन तक नही हटाया जाता और दुर्गन्ध से काफी परेशानी होती है। लेकिन ग्राम प्रधान अपने हिसाब से ही मरी हुई गायों को यहां से हटाते है।देखने व पढ़ने के लिए बने रहिये पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान

सभी धर्मों के एकजुटता से देश आगे बढ सकता है कुँवर प्रमोद चंद मौर्य


ज्ञानपुर भदोही समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं पूर्व सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग कुँवर प्रमोद चंद मौर्य ने स्वतंत्रता दिवस के 74 वी वर्षगांठ पर झंडारोहण किया कार्यक्रम विहसपुर मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू पारसनाथ मौर्य स्मारक स्थल पर आयोजित किया गया था जिसमे मुख्य अतिथि श्री मौर्य ने आजादी के दिवानों को याद करते हुए कहा देश को आजाद कराने के लिए संपूर्ण भारत के सभी धर्म के नागरिकों ने योगदान दिया था उनमे से हजारों लाखों देश भक्त देश को आजाद कराने मे शहिद हो गये है ऐसे महान शहीद जवानों सेनानियों को नमः करता हू साथ ही उन्होंने कहा की आज हम सभी को एकजुट होकर बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों, मजहबों,को लेकर ही चलना होगा तभी देश तरक्की कर सकता है
*कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे कुँवर प्रमोद चंद मौर्य अमीन चंद *मौर्य,आरपी यादव जालिम गौतम,शोभनाथ गौतम,दीपक गौतम,आरवी यादव, प्रदीप* मौर्य,सुभाष चन्द्र हलवाई,कलक्टर यादव,प्रविन पाल आदि प्रमुख रहे देखने व पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर ठाणे में सब्जी प्रदर्शनी का आयोजन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, नोजान भवन परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, ठाणे में फलियों की प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन शहरी विकास मंत्री और जिला संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। इस मौके पर सांसद राजन विचारे, श्रीकांत शिंदे विधायक संजय केलकर, रविंद्र फाटक, कलेक्टर राजेश नार्वेकर, जिला परिषद अध्यक्ष सुषमा लोन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीरालाल सोनवणे, उपाध्यक्ष सुभाष पवार, ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फनसालकर, शिवाजी रथ के पुलिस अधीक्षक। वैदेही रानाडे, निवासी डिप्टी कलेक्टर शिवाजी पाटिल और अन्य उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ठाणे रोटरी क्लब ऑफ ठाणे नॉर्थ और यूर एनवायरनमेंटल सोसायटी के सहयोग से किया गया था। जिले के सभी तालुकों से विभिन्न प्रकार की फलियों के नमूने प्रदर्शन और बिक्री के लिए रखे गए थे।

यह कृषि विभाग, महाराष्ट्र सरकार की नीति है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर फलियों के संरक्षण के माध्यम से आदिवासियों के संवर्धन की अवधारणा को अपनाया जाए क्योंकि वन उत्पादन में फलियों का स्थान महत्वपूर्ण है, जिसके लिए आदिवासी समुदाय आर्थिक रूप से व्यवहार्य है।

फलियां, कंद, साग, फल और सब्जियां बारिश के मौसम की शुरुआत में आते हैं और स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी होते हैं क्योंकि ये औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन फलियों के महत्व को लोगों तक पहुंचाने और आदिवासियों के लिए आय का स्रोत उत्पन्न करने के लिए फलियों की प्रदर्शनियों और बिक्री का आयोजन किया गया।

संरक्षक मंत्री शिंदेने किया रोगी प्रबंधन प्रणाली का उद्घाटन

मुंबई, ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 15 अगस्त जिला कलेक्ट्रेट ठाणे ने जिले के सभी कोविद 19 रोगियों के लिए केंद्रीय रोगी प्रबंधन प्रणाली लागू की है। प्रणाली का उद्घाटन संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी एजेंसियों को ठाणे जिले में मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

जिले के सभी कोविद 19 रोगियों के लिए एक केंद्रीय रोगी प्रबंधन प्रणाली होगी। यह सुविधा टोल फ्री नंबर 1800 120 5282 पर उपलब्ध है। यदि एक नगरपालिका में बेड उपलब्ध नहीं हैं, तो जिला स्तर से दूसरे नगरपालिका अस्पताल में बेड उपलब्ध कराने की सुविधा है, जिससे नागरिकों को असुविधा से बचा जा सकेगा।

मरीजों को टोल फ्री नंबर पर कॉल कर बेड उपलब्ध कराया गया है। रोगी को बिस्तर की उपलब्धता के बारे में एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसलिए, यह बिस्तर की कमी के कारण इलाज नहीं होने की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करेगा।

नियंत्रण कक्ष जिला स्तर के साथ-साथ प्रत्येक नगरपालिका और नगरपालिका स्तर पर 24 घंटे काम करेगा। जिले के सभी ,सीसीसी डीसीएचसी और डीसीएच में बेड की उपलब्धता एक अद्यतन क्लिक में उपलब्ध होगी। कलेक्ट्रेट में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे का स्टाफ है। शिंदे ने नागरिकों से किसी भी असुविधा से बचने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की अपील की।