जीवन का वास्तविक सीख यदि लेना है तो भगवान शिव सर्वश्रेष्ठ है- डाॅ रामानंद महराज।


भदोही। ऊंज क्षेत्र के बयांव में स्थित नागेश्वर शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे संगीतमय शिव महापुराण कथा में कथावाचक डाॅ रामानंद जी महराज ने अपने प्रवचन में भगवान शिव विवाह की कथा को बडे ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। और शिव बारात भी बडे ही धूमधाम से निकाली गई। इस मौके पर पूरे गांव में भगवान शिव और माता पार्वती की झाकी निकाली गई और लोग नाचते गाते हुए शिव बारात में सम्मिलित हुए। बारात में गांव के महिला-पुरूष, बच्चे और वृद्ध शामिल हुए।
अपने प्रवचन के दौरान डा रामानंद ने बताया कि शिव बारात में चौदह करोड भूत प्रेत आये साथ में सभी गण हजार करोडो भूत प्रेत के साथ शिव बारात में सम्मिलित हुए। बताया कि शिव का श्रृंगार में मरघट की भस्म, सांप, बिच्छू शोभा बढा रहे थे। बताया कि नागों का मौर भगवान शिव के सिर पर शोभा दे रहा था। भगवान के भयावह रूप को देखकर लोग डरने लगे। बताया कि जब भगवान के रूप को देखकर लोग भयभीत होने लगे तो भगवान शंकर का मनमोहक रूप देखकर लोग धन्य हुए। महराज ने बताया कि जीवन के वास्तविकता की सीख यदि लेना है तो भगवान शिव से लेना चाहिए। कहा कि भगवान की लीला बडी ही विचित्र है। भगवान की कुछ लीला तत्व ग्रहण के लिए, कुछ आनंद लेने के लिए होती है। अतः भगवान की लीला पर शक करना सर्वथा अनुचित है। कहा कि जीव यदि भगवान की भक्ति सच्चे मन और श्रद्धा से करता है तो भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। इस मौके पर संतोष पाण्डेय, बलराम पाण्डेय, रामचंद्र पाण्डेय, सलिल सिंह समेत काफी लोग मौजूद थे
पवन पुरवईया न्यूज़ से अंकित पाण्डेय के साथ सतीश चौहान भदोही उत्तर प्रदेश

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