जेईई एन इ टी परीक्षा के विरोध में ठाणे एनसीपी का आंदोलन


मुंबई,ठाणे संवाददाता सतीश चौहान एक ओर जहां कोरोना महामारी के कारण, जबकि केंद्र सरकार ऑनलाइन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना काम कर रही है, देशभर में जे ई ई एन ई टी की परीक्षा देकर लगभग 25 लाख छात्रों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। ठाणे एनसीपी शहर अध्यक्ष आनंद परांजपे के मार्गदर्शन में जितेंद्र आव्हाड के आदेश के अनुसार, एनसीपी छात्र कांग्रेस की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया गया था।
कोरोना में मौजूदा विकट स्थिति में जेईई-एनईईटी परीक्षा आयोजित करने के लिए केंद्र में भाजपा सरकार के फैसले ने देश भर के माता-पिता और छात्रों के लिए एक बड़ी सुरक्षा समस्या पैदा कर दी है। केंद्र सरकार की इस नीति के विरोध में, मोदी सरकार के खिलाफ एनसीपी छात्र कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल कांबले और कलवा डिवीजन के अध्यक्ष आकाश पाटिल के नेतृत्व में एक रैली का आयोजन किया गया था।
इस समय मौजूद प्रफुल्ल कांबले ने अपेक्षा व्यक्त की है कि ,देश के ग्यारह राज्यों को यह परीक्षा नहीं देनी चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार तानाशाही तरीके से काम कर रही है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को जेईई-एनईईटी परीक्षाओं पर निर्णय लेने के लिए एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने छात्रों को कोरोना में धकेलने की कोशिश शुरू कर दी है। यह छात्रों द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने कुलपति के परामर्श से अंतिम वर्ष की परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार को भी ऐसा करना चाहिए।

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