
भदोही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को उज्जवला योजना के अन्तर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन और गैस सिलेण्डर और चूल्हा उपलब्ध कराकर उनको खाना बनाते समय धुंआ से मुक्ति के लिए बहुत ही अच्छी पहल की। और इस योजना का लाभ देश की अधिकतर महिलाओं को मिला और लोगो ने इस योजना की काफी सराहना कर रहे है। लेकिन इसके बावजूद भी स्थानीय स्तर पर विभागीय लापरवाही और मिलीभगत से बहुत जगह ऐसे मामले देखने को मिल रहे है जो योजना में खुलेआम पलीता लगा रहे है। इसमें गैस एजेंसी संचालक और दलालों की वजह से ग्राहक काफी परेशानी का सामना कर रहा है और विभागीय अधिकारी है कि कान में तेल डालकर फर्जी आंकडा सरकार को भेजकर जनता और सरकार को मूर्ख बना रहे है। और जिलों में गैस संचालक अपनी मनमानी करने से बाज नही आ रहे है।
एक ऐसा ही मामला औराई थाना के मटकीपुर में देखने को मिला जहां एजेंसी संचालक और दलाल के लापरवाही और मिलीभगत से एक गरीब काफी परेशान है। और उसकी कोई सुनने वाला नही है। मालूम हो कि मटकीपुर निवासी सुनीता देवी ने दलाल रमेश यादव के कहने पर कनेक्शन के लिए एक वर्ष पहले सभी कागजात दे दिये और रमेश यादव ने कोईरौना थाना क्षेत्र के इनारगांव में स्थित भोलानाथ एचपी गैस एजेंसी से रजिस्ट्रेशन करा दिया। जबकि सुनीता को न तो गैस सिलेण्डर और नही चूल्हा दिया। पूछने पर रमेश हमेशा बहाना करता रहा लेकिन इस बात की पोल बीते मार्च में खुली जब सरकार के तरफ से गैस का पैसा सुनीता के खाते में आया। इसके बाद सुनीता ने भोलानाथ एचपी गैस एजेंसी में पता किया तो एजेंसी की संचालिका गीता देवी ने कहा कि रमेश यादव यहां से सुनीता के नाम से सभी सामान ले गया है। जबकि रमेश कह रहा है कि वह सुनीता से कनेक्शन के लिए कागजात ही नही लाया है। और इस समय रमेश यादव गोपीगंज क्षेत्र के कोईलरा में संगम गैस एजेंसी खुद चला रहा है। पहले यही रमेश यादव भोलानाथ गैस एजेंसी के लिए लोगों का कनेक्शन कराता था लेकिन सुनीता के मामले में मुकर रहा है। और सुनीता परेशान होकर अपने गैस और चुल्हे के लिए इनारगांव गैस एजेंसी और संगम गैस एजेंसी कोईलरा का चक्कर लगा रही है। सरकार की योजना में यदि इसी तरह की लीपापोती करेंगे गैस ऐजेंसी संचालक तो कैसे सरकार की योजनाएं फलीभूत हो पायेंगी? वैसे यह सब खेल केवल जिले के अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत से हो रहा है। जिले में केवल मटकीपुर की सुनीता का ही हाल यह नही है ऐसे न जाने कितने लोग है जिनके नाम पर एजेंसी संचालक और उनके पाले हुए दलाल सरकार की योजना में चूना लगा रहे है। और जिले के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे केवल सरकारी वेतन व सुविधाओं का आनन्द ले रहे है। जनता की समस्या से उनको कोई सरोकार नही है। जब खुद पर तलवार लटकेगी तब आनन फानन लीपापोती और खानापूर्ति करके शासन को रिपोर्ट भेज देंगे। और गरीब आदमी केवल न्याय के लिए दर दर भटकता रहता है। देखने और पढ़ने के लिए बने रहिए पवन पुरवईया न्यूज़ पर सतीश चौहान के साथ