मजदूर संघटन कल श्रम कानून में बदलाव का विरोध करेगें

मुंबई ठाणे संवाददाता सतीश चौहान 21 मई देश में कोरोना की पृष्ठ भूमि पर संचार बंदी का गलत तरीके उठाकर केंद्र सरकारें देश में अनेक राज्यों में मजदूरों के कार्यकाल को आठ घने से बढ़ाकर 12 घंटे तथा श्रम कानून को स्थगित कर श्रम कानून बदलाव कर रहे हैं | सरकार और कई राज्य सरकारों के खिलाफ राष्ट्रीय कार्यकर्ता कांग्रेस (इंटक ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कोरोना की पृष्ठभूमि पर लॉकडाउन का लाभ उठाने और श्रमिकों को 8 से 12 तक काम के घंटे बढ़ाने, श्रम कानूनों को स्थगित करने, श्रम कानूनों में नियोक्ता के अनुकूल परिवर्तन करने की साजिश करार दिया है | .आईडीएमजी के पूर्व विधायक जयप्रकाश छाजेड़, अध्यक्ष, महाराष्ट्र इंटेक, ने कहा कि संजीव रेड्डी के नेतृत्व में, सभी केंद्रीय व्यापार संघ 22 जनवरी, 2020 को काले रिबन पहनकर मजदूर विरोधी नीति के विरोध में कल 22 मई को प्रदर्शन करेगें |

इस समय उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार और पंजाब की सरकारों ने फैक्ट्रीज़ एक्ट, 1948 के प्रावधानों के उल्लंघन में दैनिक कामकाज के घंटे को बढ़ाकर 8 से 12 घंटे करने के लिए लॉकडाउन का लाभ उठाया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों में, श्रम कानूनों को स्थगित कर दिया गया है और श्रम कानूनों में बदलाव किए गए हैं। डॉ जी राजघाट, नई दिल्ली में संजीव रेड्डी के नेतृत्व में सभी ट्रेड यूनियनों के नेता 22 मई, 2020 को उपवास पर जा रहे हैं।

प्रमुख मांगें:

1) केंद्र सरकार और राज्य सरकार को श्रम कानूनों को निलंबित करने और श्रम कानूनों को बदलने के फैसले को रद्द करना चाहिए।

2) काम के घंटों को पहले की तरह 12 से बढ़ाकर 8 घंटे किया जाना चाहिए।

3) तालाबंदी की अवधि के पूर्ण भुगतान का भुगतान श्रमिकों को किया जाना चाहिए।

4 ) तालाबंदी के कारण फंसे मजदूरों और नागरिकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उनके गाँवों में जाने के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था हो।

5) प्रत्येक परिवार को 7500 / – प्रति माह की प्रत्यक्ष सहायता दी जानी चाहिए जो आयकर के अधीन नहीं है।

6) सभी जरूरतमंदों को राशन की दुकान से सस्ता खाद्यान्न और जरूरी सामान मुहैया कराया जाना चाहिए।

7) सकल घरेलू उत्पाद का 5% सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर खर्च किया जाना चाहिए।

8) कोरोना (कोविद -19) महामारी के मामले में, अनुबंध श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण और अतिरिक्त दैनिक भत्ता, मासिक प्रोत्साहन भत्ता दिया जाना चाहिए।

विरोध दिवस के अवलोकन की पृष्ठभूमि पर, 20 मई, 2020 को जूम अप में नेशनल वर्कर्स कांग्रेस (INTC) की महाराष्ट्र शाखा की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक हुई और इस पर निर्णय लिया गया।इस विरोध दिवस पर 288 संघटन इसमें हिस्सा ले रहे हैं | जिसमें एसटी ,एमएसईबी ,कोल ,रेलवे ,पोर्ट ,औधोगिक क्षेत्र ,सीमेंट ,केमिकल ,मिल ,महानगर पालिका ,माइल ,बीएसएनएल ,बीड़ी ,बैंक सहित विभिन्न संघटन सामाजिक अंतर अथवा दुरी का ध्यान रखते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेगें |
अवसर पर जयप्रकाश ने बताया कि कोरोना के भय से लोग घर में बैठे हैं | दुनिया में लाखों मौतें कोरोना से हो गई हैं | देश पहली बार इतनी मंदी के कगार पर है | महाराष्ट्र का भी काफी नुकसान हुआ है | हमने ट्रक में बैठी महिलाओं को मुर्गियों की तरफ तड़पते हुए देखा है | भूखे और मासूम बच्चों को तपती धुप में सैकड़ों मील का पैदल ही सड़क का सफर करते हुए देखा गया है | बिडंवना है कि भी उत्तर प्रदेश की सीमा में उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाता है , तो बीजेपी इसमें भी राजनीति कर रही है | डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ,इंदिरा गाँधी ,और राजीव गाँधी ने ही मजदूरों के हितों में कानून ंबनाये ,लेकिन बीजेपी सरकार कानूनों को निरस्त करना चाहती है |

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सचिव महेंद्र घरत, प्रदेश महासचिव मुकेश तिगोटे, प्रवीण वाजपेयी, मुंबई अध्यक्ष दिवाकर दलवी, ठाणे जिला अध्यक्ष सचिन शिंदे, महिला प्रमुख श्रीमती। भाग्यश्री भुरके, अनिल गनाचार्य, दत्तात्रय गुट्टे, निवृति देसाई, सुनील देसाई, सुरेश सूर्यवंशी, लक्ष्मणराव घुमरे, प्रदीप वखारिया, मनीष पंधारे, राधेश्याम जायसवाल, रोशन तंबोली, संदीप सूर्यवंशी, वैभव, वैभव, वैभव , संजय पाटिल और अन्य पदाधिकारियों ने वोट डालकर बैठक में अपनी उपस्थिति दर्शाई और यह भी कहा कि वे विरोध दिवस को सफल बनाने का प्रयास करेंगे।

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